लखनऊ शहर को एक इलाके से दुसरे को जोड़ने वाली मेट्रो सुविधा का काम ज़ोर पकड़ रहा है। इसके ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का अंडरग्राउंड निर्माण 20 नवंबर के बाद से शुरू होगा। इस निर्माणकार्य हेतु तीन विदेशी टीबीएम मशीनें मंगाई गई है जो जल्द पहुंचने वाली हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, लखनऊ के व्यस्ततम इलाक़े चारबाग से वसंतकुंज तक प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के अंडरग्राउंड भाग का निर्माण 20 नवंबर के बाद शुरू होने की खबर है। इस परियोजना के पूरा होने पर पुराने लखनऊ की घनी आबादी और व्यस्त बाजारों सहित रिहायशी इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में सहायता मिलेगी।
पुराने शहर के लिए अंडरग्राउंड योजना
पुराने शहर की घनी आबादी वाले इलाक़े के लिए अंडरग्राउंड योजना प्रस्तावित है। इसके लिए सुरंग का निर्माण होना है। इस निर्माण कार्य के लिए तीन टीबीएम यानी टनल बोरिंग मशीनें बाहर से मंगाई जा रही हैं जिनके अगले दो सप्ताह में लखनऊ पहुंचने की उम्मीद है। इन मशीनों को जमीन के भीतर पहुँचाने के लिए लॉन्चिंग और रिसीविंग पिट बनाए जाएंगे।
दो हिस्सों में होगा निर्माण
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस कॉरिडोर का निर्माण दो हिस्सों में होगा। इसके लिए यूपीएमआरसी यानी उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने जो योजना तैयार की है, उसमे चारबाग से चौक तक का करीब 6.52 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड बनेगा और इसके आगे 4.60 किलोमीटर के ट्रैक को एलिवेटेड बनाया जाएगा।
एक साथ तीन स्थानों पर खुदाई की तैयारी
याद दिला दें कि निर्मित होने वाले कुल 11.12 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 12 स्टेशन बनाए जाने की योजना है। सुरंग की खुदाई एक साथ इन तीन स्थानों पर शुरू होगी। इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुरंग की खुदाई तीन स्थानों पर एक साथ से शुरू किये जाने की योजना है। इसमें चारबाग मेट्रो स्टेशन, लखनऊ सिटी रेलवे स्टेशन और चौक में टीबीएम उतारी जाएंगी। तीन स्थानों पर एक साथ खुदाई होने से निर्माण कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने में मदद मिलेगी।
निर्माण हेतु कंपनी का चयन और निर्माण लक्ष्य
तक़रीबा 6.52 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन के निर्माण हेतु एफकांस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का चुनाव किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में इस हिस्से के निर्माण की लागत करीब 1,632 करोड़ रुपये बताई गई है। यूपीएमआरसी ने इस परियोजना के लिए करीब 36 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। साल 2030 तक इस परियोजना के पूरा होने की उम्मीद है।
लागत
इस परियोजना पर आने वाली लागत की बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक़, चारबाग से वसंतकुंज तक ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की अनुमानित लागत लगभग 5,801 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें 4.60 किलोमीटर एलिवेटेड और 6.52 किलोमीटर भूमिगत ट्रैक का निर्माण होना है।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भूमिगत इलाक़ों के लिए सात स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें चारबाग, गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक के नाम आते हैं। वहीं एलिवेटेड सेक्शन पर ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और वसंतकुंज स्टेशन बनाए जाएंगे।