सूबे की राजधानी लखनऊ में टूरिस्ट क्रूज चलाने की तैयारी है। यहाँ बहने वाली गोमती नदी पर्यटकों के लिए आलीशान क्रूज़ की सुविधा मुहैया कराएगी। इसको लेकर निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, क्रूज का संचालन हनुमान सेतु से गोमती बैराज के बीच में किया जाएगा, जो कि 30 से 45 मिनट में एक चक्कर पूरा करेगा। क्रूज पर एक साथ 200 लोग सैर कर सकेंगे।
हनुमान सेतु के पास गोमती रिवर फ्रंट पर क्रूज के निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर तैयार इस योजना के तहत क्रूज के बेसमेंट में आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल, डिजिटल स्क्रीन और वीआईपी लाउंज होगा। ऊपरीभाग में ओपन रेस्टोरेंट की सुविधा होगी। क्रूज की सैर के लिए प्रति व्यक्ति 300 रुपये टिकट प्रस्तावित है। लंच, डिनर और बुफे की सुविधा के लिए अलग से भुगतान करना होगा।
गोमती नदी में टूरिस्ट क्रूज चलाने की तैयारी से जुड़ा निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस आलीशान क्रूज का संचालन हनुमान सेतु से गोमती बैराज के बीच में किया जाएगा। करीब 30 से 45 मिनट में एक पूरा चक्कर लगाने वाला यह क्रूज एक बार में 200 लोग सैर करा सकेगा।
आकार की बात करें तो क्रूज की लंबाई 45 मीटर और चौड़ाई 10 मीटर होगी। इसमें एक बार में 200 लोग नदी की सैर कर सकेंगे। टूरिस्ट क्रूज पर कैप्टन सहित 5 मरीन क्रू-मेंबर्स तैनात होंगे। इसके साथ ही राइड शुरू होने पर कैप्टन द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए क्रूज पर मौजूद लोगों को संबोधित किया जाएगा।
क्रूज की विशेषताओं और संचालन के साथ ही बच्चों को मरीन लाइफ के बारे में रोचक जानकारियां दी जाएंगी। इसके अलावा बच्चों और युवाओं के लिए तरह-तरह की मनोरंजक गतिविधियां भी होंगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने स्थल निरीक्षण करके प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने 5 महीने में क्रूज का निर्माण पूरा करके इस संचालित करने के निर्देश दिए हैं। गोमती पर टूरिस्ट क्रूज के संचालन के लिए आरएफपी आमंत्रित किया गया था। जिसके माध्यम से कोलकाता की कंपनी मेसर्स बालाजी सेल्स एंड पूर्णिमा इंटरप्राइजेज कराएगा।
क्रूज के निर्माण लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जिसका पूरा खर्च कंपनी की ओर से उठाया जाएगा। क्रूज का संचालन शुरू होने पर कंपनी को प्रतिवर्ष 16 लाख रुपये एलडीए को रेवेन्यू के तौर पर देने होंगे।












