दुनिया में इस समय हर 10 में से 4 युवा हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या में ग्रस्त हैं। इसका सबसे दुखद पहलू यह है कि समस्या के लक्षण शरीर में नजर नहीं आते हैं। लिपिड प्रोफाइल से एक ऐसा मेडिकल टेस्ट है जो दिल की बीमारियों के खतरे से आगाह करता है।

लिपिड प्रोफाइल टेस्ट को “सेहत का रखवाला” भी कहा जाता है। दरअसल इसकी मदद से रक्त में कोलेस्ट्रॉल और वसा के स्तर की जांच की जाती है, जो हृदय रोगों, स्ट्रोक और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम का पता लगाने में मदद करता है। इस टेस्ट से हृदय रोग के जोखिम का अंदाज़ा किया जाता है। जिसमे निम्न जानकारिया सामने आती हैं-
कोलेस्ट्रॉल: यह टेस्ट रक्त में मौजूद सभी कोलेस्ट्रॉल की जानकारी देता है।
एलडीएल कोलेस्ट्रॉल: इसे “खराब” कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है, क्योंकि यह धमनियों में जमा हो सकता है।
एचडीएल कोलेस्ट्रॉल: इसे “अच्छा” कोलेस्ट्रॉल मानते हैं। दरअसल यह रक्त से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करता है।
ट्राइग्लिसराइड्स: यह शरीर में जमा होने वाली एक प्रकार की वसा है। इसका उच्च स्तर हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है।
अच्छे परिणामों के लिए यह परीक्षण खाली पेट किया जाता है। इस लिपिड प्रोफाइल टेस्ट का मकसद सिर्फ़ जानकारी देना है। स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह या जांच के लिए, किसी पेशेवर डॉक्टर से बात की जानी चाहिए ताकि वह मरीज़ की पड़ताल के बाद बेहतर निष्कर्ष पर पहुँच सके।
इस टेस्ट की बदौलत दिल की सेहत का मूल्यांकन करने और हृदय रोग के जोखिम कारकों की पहचान करने में मदद लेते हुए स्वस्थ जीवनशैली को अपनाया जा सकता है। क्यूंकि यह हार्ट अटैक से जुड़ा है और ऐसे में ज़रूरी हो जाता है कि इस समस्या की निगरानी की जाए ताकि इसके रिस्क को कम किया जा सके। इसके लिए एक अच्छा डाइट चार्ट भी मदगार हो सकता है मगर यह सलाह भी डॉक्टर से ही लेनी चाहिए।













