खामेनेई ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध में केवल इसलिए हस्तक्षेप किया, क्योंकि ‘‘उसे लगा कि अगर उसने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यहूदी शासन पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा।” हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को ‘‘इस युद्ध से कुछ हासिल नहीं हुआ है।’’

इजरायल-ईरान के बीच हालिया युद्धविराम पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने का पहला सार्वजनिक बयान सामने आ गया है। अपने बयान में उन्होंने इजरायल पर ईरान की जीत हासिल किए जाने का दावा किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने ‘‘अमरीका के मुंह पर तमाचा मारा है।’’
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में यह बात कही है। बताते चलें कि 86-वर्षीय खामेनेई ने एक गुप्त स्थान पर शरण ली थी। यह शरण उन्हें इजरायली सेना की तेहरान पर बमबारी के बाद 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान लेनी पड़ी।
खामेनेई ने सोमवार को कतर में अमरीकी सैन्य अड्डे पर ईरानी मिसाइल हमले का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘इस्लामिक गणराज्य विजयी हुआ और उसने अमरीका के मुंह पर तमाचा मारा।’’
साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया कि अमरीका का को ‘‘इस युद्ध से कुछ हासिल नहीं हुआ है। बल्कि इस मामले में खामेनेई का कहना है कि अमरीका ने युद्ध में केवल इसलिए दखल दिया, क्योंकि उसे लगा कि अगर उसने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यहूदी शासन पूरी तरह से तबाह हो जाएगा।”
खामेनेई ने सोमवार को कतर में अमरीकी सैन्य अड्डे पर ईरानी मिसाइल हमले का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘इस्लामिक गणराज्य विजयी हुआ और उसने अमरीका के मुंह पर तमाचा मारा।’’
13 जून को युद्ध छिड़ने के बाद खामेनेई को एक गुप्त स्थान पर रखा गया और उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों इजरायलली हमले के दौरान शीर्ष सैन्य कमांडरों और वैज्ञानिकों को निशाना बनाया।
12 दिन तक चलने वाले इस युद्ध में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान के बाद युद्धविराम की घोषणा की। मंगलवार 24 जून को सीजफायर का ऐलान हुआ। ईरान में जंग से 627 और इजराइल में 28 लोगों की मौत हुई।
नीदरलैंड में बुधवार को होने वाली नाटो समिट में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा जंग में बहादुरी दिखाए जाने की बात स्वीकार की और यह भी कहा कि जंग के बाद नुकसान से उबरने के लिए ऑयल बेचने की जरूरत है। अगर चीन, ईरान से ऑयल खरीदना चाहते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है।
साथ ही अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान के साथ अब परमाणु समझौता जरूरी नहीं है क्योंकि अमरीका और इजरायल पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट कर चुके हैं। बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि अमरीका और ईरान के अधिकारी NATO समिट में अगले हफ्ते बातचीत करेंगे।








