अमरीकी इंट्री के बाद ईरान ने इजरायल पर किया नया मिसाइल हमला

अमरीका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। भारतीय समयानुसार यह हमला रविवार सुबह 4:30 बजे हुआ है। अमरीकी हमले के जवाब में ईरान ने इजरायल पर एक और मिसाइल हमला किया। अमरीका द्वारा ईरान के विरुद्ध बल प्रयोग किए जाने पर संयुक्त राष्ट्र ने इसे अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिए सीधा ख़तरा बताया है।

अमरीकी इंट्री के बाद ईरान ने इजरायल पर किया नया मिसाइल हमला

ईरान के जिन ठिकानों पर हमला किया गया है वह फोर्डो, नतांज और इस्फहान हैं। ईरान पर हमले के 3 घंटे बाद ट्रंप ने देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ईरान की अहम न्यूक्लियर साइट्स ‘obliterate’ पूरी तरह से तबाह कर दी गई हैं। फोर्डो पर बमों की एक पूरी खेप गिरा दी गई है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि अब उसे शांति कायम करना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो उस पर और बड़े हमले किए जाएंगे।

यूएन प्रमुख गुटेरेस ने आगाह किया कि इस हिंसक टकराव के नियंत्रण से बाहर होने का जोखिम तेज़ी से बढ़ता जा रहा है, जिसके आम नागरिकों, मध्य पूर्व क्षेत्र और दुनिया के लिए भयावह नतीजे होंगे।

अमरीकी हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल पर एक और मिसाइल हमला किया। अरब मीडिया के अनुसार, इजराइल के हाइफा शहर पर कई ईरानी मिसाइलों के गिरने की खबरें हैं। ख़बरों के मुताबिक़ तेल अवीव समेत पूरे इजराइल में युद्ध सायरन बजने के बाद वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई है।

यूएन प्रमुख ने सदस्य देशों से तनाव में कमी लाने की पुकार लगाई है और ध्यान दिलाया है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून व नियमों के तहत तयशुदा दायित्वों को निभाया जाना होगा।

शनिवार देर शाम जारी अपने वक्तव्य में महासचिव गुटेरेस ने आगाह किया कि इस हिंसक टकराव के नियंत्रण से बाहर होने का जोखिम तेज़ी से बढ़ता जा रहा है, जिसके आम नागरिकों, मध्य पूर्व क्षेत्र और दुनिया के लिए भयावह नतीजे होंगे।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कहा है कि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू अपनी सरकार को लंबा चलाने के लिए ईरान के खिलाफ युद्ध का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बताते चलें कि इसराइल ने 13 जून को ईरान में परमाणु केन्द्रों व सैन्य ठिकानों को निशानाबनाते हुए सिलसिलेवार मिसाइलों व ड्रोन के ज़रिए जवाबी कार्रवाई की है। हिंसक टकराव में दोनों पक्षों को जान-माल की हानि हुई है।

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 430 लोगों के मारे जाने की ख़बर है जबकि साढ़े तीन हज़ार से अधिक लोग घायल हुए हैं। वहीं, ईरान के जवाबी हमलों में 24 इसराइली नागरिकों की जान गई है।

इससे पहले, यूएन महासचिव ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद की बैठक में सभी पक्षों से शान्ति को एक अवसर दिए जाने का आग्रह किया था, और चेतावनी जारी की थी कि यदि इस टकराव का दायरा फैला, तो फिर जो आग फैलेगी, उस पर कोई भी नियंत्रण नहीं कर पाएगा।

पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति क्लिंटन ने वर्तमान अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सलाह दी है कि उन्हें इस स्थिति में आगे की सैन्य कार्रवाई से बचना चाहिए।

क्लिंटन ने यह भी विचार व्यक्त किया है कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री आगे की तबाही को रोकने के लिए युद्ध के दायरे को बढ़ाना नहीं चाहेंगे।

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