हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर विपक्ष के हंगामे के बाद पड़ताल शुरू

बजट आने के अगले दिन संसद की कार्रवाई में विपक्ष के जोरदार हंगामे के नाम रही। इस हंगामे के चलते संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक स्थगित करन पड़ा। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में सरकार की रणनीति पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों की बैठक बुलाई।

हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर विपक्ष के हंगामे के बाद पड़ताल शुरू

सरकार को घेरने के लिए आज संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले समान विचारधारा वाले दलों ने बैठक की। विपक्ष ने कारोबारी गौतम अडानी के खिलाफ हिंडनबर्ग रिपोर्ट को लेकर संसदीय कमेटी बनाने की मांग की है। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीजेआई की निगरानी में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित किये जाने की मांग की है ताकि इस मामले की हकीकत सामने आ सके।

इस सम्बन्ध में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सहित सभी दलों के नेताओं ने एकजुट फैसला लिया है कि आर्थिक दृष्टि से देश में जो घटनाएं हो रही हैं उसे सदन में उठाना है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगे कहा कि एलआईसी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा बाजार मूल्य खोने वाली कंपनियों में निवेश के मुद्दे पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत बिजनेस नोटिस दिया गया था।

ईसिस दौरान भारत-चीन सीमा विवाद के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी द्वारा लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव के सम्बन्ध में नोटिस दिये जाने की बात भी सामने आई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में सरकार की रणनीति पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों की बैठक बुलाई। बैठक में अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण, प्रल्हाद जोशी, पीयूष गोयल, नितिन गडकरी, किरेन रिजिजू सहित अनुराग ठाकुर मौजूद रहे।

राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में हुई बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन और सुदीप बंदोपाध्याय, द्रमुक की कनिमोई, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के संजय राउत सहित कुछ अन्य दलों के नेता मौजूद रहे। बैठक में महंगाई, चीन, बेरोजगारी तथा अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *