आने वाले साल में युद्धों में निवेश के बजाय निर्धनता पर प्रहार करें- यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेश ने नए वर्ष के आगमन पर अपने वीडियो सन्देश में वर्तमान चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हम जब एक नए वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, विश्व एक चौराहे पर खड़ा है। उन्होंने पृथ्वी पर मरहम लगाते हुए शान्ति व न्याय को सुनिश्चित करना होगा और मानवता की भलाई के लिए एकजुट खड़े रहना होगा।

आने वाले साल में युद्धों में निवेश के बजाय निर्धनता पर प्रहार करें- यूएन महासचिव

2026 के लिए अपने सन्देश में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आग्रह किया है कि आगामी वर्ष के लिए दुनिया को अपनी प्राथमिकताएँ तय करनी होंगी और युद्ध लड़ने में ख़र्च करने के बजाय निर्धनता के विरुद्ध लड़ाई में निवेश करना होगा।

यूएन प्रमुख ने कहा दुःख जताने के साथ कहा कि जो सिद्धान्त हमें, मानव परिवार होने के नाते एक साथ जोड़ते हैं, हम उन्हीं से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा, “हर जगह लोग पूछ रहे हैं: क्या नेतागण सुन भी रहे हैं? क्या वो कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।”


यूएन महासचिव ने 2026 में हर जगह के नेताओं से आहवान किया कि गम्भीरता दिखाएँ और पीड़ा के बजाय लोगों और पृथ्वी को प्राथमिकता दें। उन्होंने सन्देश सुनने वाले हर व्यक्ति से आग्रह किया कि अपनी भूमिका निभाएँ। नव वर्ष पर न्याय और मानवता के साथ शान्ति के लिए आगे बढ़ने की बात यूएन महासचिव ने की।


यूएन प्रमुख ने कहा कि जब हम एक तूफ़ानी व अस्थिर वर्ष को पीछे छोड़ रहे हैं, एक तथ्य शब्दों से कहीं अधिक स्पष्ट है, वैश्विक सैन्य व्यय लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ, 2,700 अरब डॉलर तक पहुँच गया है।

आगे उन्होंने बताया कि वैश्विक सैन्य व्यय का 2,700 अरब डॉलरआँकड़ा कुल विकास सहायता के आँकड़े से 13 गुना अधिक है और सम्पूर्ण अफ़्रीका के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बराबर। उन्होंने याद दिलाया कि ये सब ऐसे समय में है, जब टकराव और युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अभूतपूर्व स्तर पर तबाहियाँ मचा रहे हैं।”

2026 की प्राथमिकताओं पर बात करते हुए महासचिव गुटेरेस ने ध्यान दिलाया कि एक सुरक्षित विश्व आरम्भ होता है। उन्होंने कहा कि निर्धनता का मुक़ाबला करने में संसाधन निवेश से और युद्धों में कम ख़र्च से, शान्ति क़ायम रखी जानी होगी।

इस नए वर्ष पर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट आकार देने का आहवान करते हुए उन्होंने बताया कि दुनिया के पास, लोगों के जीवन बेहतर बनाने, पृथ्वी को राहत पहुँचाने, और शान्ति व न्याय का एक भविष्य सुरक्षित करने के संसाधन मौजूद हैं।

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