हवाई यात्रा में इंडिगो और एयरइंडिया का वर्चस्व मगर सीज़न के बावजूद मंदी

सितंबर में घरेलू हवाई यात्री 6.49% घटकर 1.18 करोड़ रहे. इंडिगो-एयर इंडिया का बाजार पर 92% कब्जा बरकरार, जबकि स्पाइसजेट का शेयर 0.6% गिरा.

त्योहारों और शादियों का मौसम ज़रूर है मगर इस बार हवाई यात्रियों की संख्या में अपेक्षाकृत बड़ी गिरावट भी सामने आई है। देश में सितंबर माह में एविएशन सेक्टर में मंदी नज़र आ रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए (DGCA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर महीने में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या पिछले महीने1.18 करोड़ रह गई है। इस संख्या में पिछले महीने के मुकाबले 6.49 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है।

अगस्त महीने में हवाई सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 1.21 करोड़ थी, वहीं सितंबर में यह आंकड़ा घटकर 1.18 करोड़ पर आ गया। आंकड़े यह भी बताते हैं कि यह मंदी महज़ महीनों के आधार पर नहीं है, बल्कि बीते वर्ष की तुलना में भी सितंबर में पैसेंजर ट्रैफिक में 7 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालाँकि जानकार इसे महंगे हवाई टिकटों और मानसून के बाद के सीजन की सुस्ती के कारण कम होना मान रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, वित्त वर्ष 2024 में जहां यात्रियों की संख्या में 13 फीसदी की बेहतरीन बढ़त देखी गई थी मगर वित्त वर्ष 2025 में यह घटकर 7.7 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 में सिर्फ 1.2 फीसदी रह गई। इस वित्त वर्ष में भी मई में 9 प्रतिशत की बढ़त को हटाकर देखें तो जून से लेकर सितंबर तक के चार महीनों में हवाई यात्रियों की संख्या में गिरावट देखी गई है।

इंडिगो और एयर इंडिया की मार्केट पर गिरफ्त
सीज़न के बावजूद यात्रियों की संख्या भले ही घटी हो मगर इंडिगो का वर्चस्व अपनी जगह अडिग है। आंकड़े बताते हैं कि सितंबर में इंडिगो से 77.30 लाख यात्रियों ने सफर किया और बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 65.4 प्रतिशत कर ली। टाटा समूह की एयर इंडिया ग्रुप की बदौलत 31.65 लाख यात्रियों ने यात्रा की और 26.8 फीसदी मार्केट शेयर के साथ तह दूसरे नंबर पर है।

कह सकते हैं कि देश का एविएशन सेक्टर पर इंडिगो और एयरइंडिया का वर्चस्व है। इन दोनों बड़ी एयरलाइंस के आंकड़ों को मिलाने पर भारत के घरेलू हवाई बाजार का 92 प्रतिशत से अधिक इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप के कहते में नज़र आता है।

स्पाइसजेट और अकासा एयर
स्पाइसजेट ने इस मंदी का सबसे बड़ा नुकसान झेला है। यह एयरलाइन पिछले काफी समय से वित्तीय और ऑपरेशनल संकट का सामना कर रही है। अगस्त में 1.40 लाख यात्रियों ने सफर कराने वाली स्पाइसजेट का मार्केट शेयर 1.2 फीसदी रहा। सितंबर में इसके यात्रियों की संख्या लगभग आधी यानी 73 हजार रह गई। स्पाइसजेट का मार्केट शेयर गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 0.6 प्रतिशत पर पहुंच गया है।

अकासा एयर की बात करें तो सख्त वक़्त के बावजूद इस एयरलाइन ने अपनी स्थिति को संभाला हुआ है। सितंबर में अकासा एयर से 6.64 लाख यात्रियों ने सफर किया और इसकी हिस्सेदारी 5.6 फीसदी रही। मार्केट शेयर के साथ अकासा एयर ने तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई हुई है।

एविएशन सेक्टर में लंबे समय से चल रही सुस्ती के बावजूद एयरलाइंस कंपनियों को उम्मीद है कि आने वाले फेस्टिवल और न्यू ईयर सीजन में एकबार फिर से यह मार्केट गुलज़ार होगा।

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