भारत के पर्यटक स्थलों को अब दुनियाभर में प्रमोट किया जा सकेगा। ऐसा पर्यटन मंत्रालय और नेटफ्लिक्स की साझेदारी के बाद हुआ। इस साझेदारी के साथ ही भारत के पर्यटन स्थलों को एक नए वैश्विक मंच पर ले जाने को बड़ा कदम माना जा रहा है।

पर्यटन मंत्रालय और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के साथ एक इस विषय पर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट और प्रोडक्शंस में भारत के टूरिस्ट स्पॉट्स को और ज्यादा जगह देगा। फिल्मों, वेब सीरीज और डॉक्यूमेंट्रीज के माध्यम से भारत का असली सौंदर्य और सांस्कृतिक रंग दुनिया तक पहुंचेगा।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार ने नेटफ्लिक्स के साथ साझेदारी की है, ताकि विजुअल स्टोरीटेलिंग और ऑन-स्क्रीन डेस्टिनेशन के जरिए भारत के पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
ओटीटी प्लेटफॉर्म के साथ हुए इस समझौते (MoU) में देश के प्राकृतिक परिदृश्य, सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक स्थलों के प्रमोशन की बात की गई है। इस सहयोग के बाद, सरकार ने उम्मीद जताई है कि अब भारत के विविध पर्यटन स्थलों को दुनिया भर में अधिक पहचान मिलेगी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी।
उम्मीद की जा रही है कि इस साझेदारी से न केवल भारत की पर्यटन छवि को मज़बूती मिलेगी, बल्कि भारत की ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ ब्रांडिंग को भी नई ऊंचाई देगी। सरकार का कहना है कि नेटफ्लिक्स जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म के साथ आने से भारत को एक व्यापक दर्शक वर्ग मिलेगा, जो भारत को नई नजर से जानने और अनुभव करने के लिए प्रेरित होगा।
इस समझौते का फायदा फिल्म उद्योग को भी मिलेगा। अब फिल्म निर्माता देश के अलग-अलग राज्यों की अनदेखी और अनसुनी लोकेशन्स पर शूटिंग कर सकेंगे। इससे फिल्मों में भारत की असली सुंदरता दिखेगी, साथ ही उन राज्यों की स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन के साथ रोज़गार में वृद्धि हो सकेगी।
















