ऑस्कर 2026 में भारत की ‘होमबाउंड’ फिल्म शॉर्टलिस्ट में जगह बनाने में कामयाब हो गई है। निर्माता करण जौहर और नीरज घेवान निर्देशित फिल्म को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की कैटेगरी में चुना गया है। इस कैटेगरी में 14 अन्य ग्लोबल फिल्में भी हैं, जिससे ‘होमबाउंड’ का मुकाबला होना है।

फिल्म ‘होमबाउंड’ को 98वें ऑस्कर अवॉर्ड में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म अवॉर्ड के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। बीते मंगलवार को एकेडमी ने 12 कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट जारी की।
एकेडमी की इस शार्ट लिस्ट में एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री फीचर, डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट, लाइव एक्शन शॉर्ट, मेकअप और हेयरस्टाइलिंग, ओरिजिनल स्कोर, ओरिजिनल सॉन्ग, साउंड और विजुअल इफेक्ट्स के अलावा इंटरनेशनल फीचर फिल्म भी शामिल हैं।
इस सूची में ‘होमबाउंड’ का नाम देखकर करण जौहर बेहद खुश है और कह रहे हैं कि उनका सपना सच हो गया है। इस फिल्म के निर्माता करण जौहर ने ऑस्कर 2026 में फिल्म के शॉर्टलिस्ट होने पर खुशी जताई। उन्होंने डायरेक्टर नीरज घेवान को बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘हमारा चुनाव हो गया है । होमबाउंड टीम को बहुत-बहुत बधाई!’
फिल्म होमबाउंड 15 मार्च 2026 में होने वाले 98वें ऑस्कर अवार्ड के लिए भारत की ओर से गई है और अब 22 जनवरी को पता चलेगा कि फिल्म को इस अवार्ड के लिए नॉमिनेशन मिलता है या नहीं। यह फिल्म नवंबर 2025 में ओटीटी पर भी रिलीज होने वाली है।
अकादमी अवार्ड के लिए होमबाउंड’ का जिन फिल्मों से है मुकाबला होना है उनमें अर्जेंटीना की ‘बेलेन’, ब्राजील की ‘द सीक्रेट एजेंट’, फ्रांस की ‘इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट’, जर्मनी की ‘साउंड ऑफ फॉलिंग’, इराक की ‘द प्रेसिडेंट्स केक’, जापान की ‘कोकुहो’, जॉर्डन की ‘ऑल दैट्स लेफ्ट ऑफ यू’, नॉर्वे की ‘सेंटीमेंटल वैल्यू’, फिलिस्तीन की ‘फिलिस्तीन 36’, साउथ कोरिया की ‘नो अदर चॉइस’, स्पेन की ‘सिरात’, स्विट्जरलैंड की ‘लेट शिफ्ट’, ताइवान की ‘लेफ्ट-हैंडेड गर्ल’ और ट्यूनीशिया की ‘द वॉइस ऑफ हिंद रजब’ शामिल हैं।
बताते चलें कि भारत 1957 से ऑस्कर के लिए अपनी फिल्में साझा कर रहा है। साल 1957 में जाने वाली पहली फिल्म महबूब खान की ‘मदर इंडिया’ को देश से पहली ऑफिशियल एंट्री मिली थी। इसे पहले ‘लगान’ ऑस्कर तक पहुँच कर परचम लहराया था। पिछले साल किरण राव की फिल्म ‘लापता लेडीज’ भारत की ओर से भेजी गई थी। उनकी फिल्म टॉप 15 शॉर्टलिस्ट में जगह नहीं बना पाई, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उसे काफी सराहना मिली।
फिलहाल कारन की इस फिल्म को लेकर देशवासियों में काफी उत्सुकता है। सभी की निगाहें ‘होमबाउंड’ पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह फिल्म न केवल भारत का प्रतिनिधित्व करेगी, बल्कि ऑस्कर में नामांकन हासिल कर देश का गौरव भी बढ़ाएगी।














