नई दिल्ली : देश के बेहद प्रतिष्ठित निजामुद्दीन औलिया के दरगाह के दो धार्मिक गुरुओं के पाकिस्तान में गायब होने की खबर से कूटनीतिक हलके में हलचल मच गई है। Indian
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है। बैठक फिलहाल चल रही है।
इसमें गृह मंत्रालय के अधिकारी पहुंचे हैं। परिवार वालों को राजनाथ की ओर से मदद का पूरा भरोसा दिया गया है।
वहीं, पाकिस्तान में गायब हुए हज़रत निज़मुद्दीन के पीर ज़ादे आसिफ अली निज़ामी के बेटे साजिद निज़ामी ने कहा है कि उनके पिता को किसी ने गायब किया है।
यह किसी कि साजिश हो सकती है, जब वह प्लेन में बैठ रहे थे उस समय उनसे बातचीत हुई थी।
साजिद निजामी के मुताबिक, जब वह कराची हवाई अड्डे पर उतरे तो उनका फ़ोन स्विच ऑफ हो गया।
उन्हें लेने के लिए गया उनका रिश्तेदार हम्माद भी गायब है। केंद्र सरकार पाकिस्तान सरकार से पूछे कि उनके पिता और चाचा कहां गायब हो गए। परिवार को सरकार से ही आस है।
इस पूरे मामले में मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने पीड़ित परिवार के लोगों से फ़ोन पर बातचीत करके पूरे मामले में को जाना और उन्हें यकीन दिलाया कि सरकार पूरी तरह से उनके साथ है।
वहीं, साजिद निज़ामी भारत सरकार की और से सहयोग मिल रहा है, लेकिन पाकिस्तान सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की कोई मदद नही मिली है। दो दिन हो गए हैं पिता का कोई पता नहीं चल पा रहा है। घर की औरतों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गौरतलब है कि आसिफ निजामी और नाजिम निजामी नाम के ये दो मौलवी निजामुद्दीन दरगाह के बेहद प्रतिष्ठित नाम हैं और वे लाहौर के दाता दरबार दरगाह के बुलावे पर वहां गए थे। उनके गायब होने की खबर की पुष्टि होने के बाद विदेश मंत्रालय ने इस मामले को पाकिस्तान सरकार के साथ बेहद गंभीरता के साथ उठाया है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी इस मामले पर ट्वीट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने लिखा, ‘भारतीय नागरिक 80 साल के सैयद आसिफ निजामी और उनका भतीजा नाजिम अली निजामी 8 मार्च, 2017 को पाकिस्तान गए थे।
सैय्यद आसिफ अली निजामी हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह मुख्य धर्म गुरू हैं। कराची एयरपोर्ट पर उतरने के बाद से ही दोनों गायब हैं। मैंने इस मसले को पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाया है और आग्रह किया है कि वह दोनों भारतीय नागरिकों के बारे में पता लगाएं। ‘
विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग ने इस बारे में पाकिस्तान विदेश मंत्रालय से बात की है। अभी तक भारत को आधिकारिक तौर पर उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन और लाहौर के दाता दरबार के बीच बेहद पुराने व करीबी रिश्ते हैं। इन दोनों सूफी दरगाहों के धार्मिक गुरुओं के बीच हर साल एक दूसरे के यहां आने जाने की परंपरा है।
पाकिस्तान की मीडिया से यह खबर आ रही है कि एक भारतीय मौलवी करांची से गायब हुए हैं जबकि दूसरे लाहौर से गायब हुए हैं। हालाकि विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
गौरतलब पाकिस्तान में आतंकी लगातार इस्लाम के सूफी पद्धति को मानने वालों के खिलाफ हमला करते रहते हैं। दाता दरबार पर भी आतंकी पहले हमला कर कर चुके हैं। पिछले साल दाता दरबार में हमेशा कव्वाली गाने वाले अमजद साबरी की हत्या कर दी गई थी।
जबकि अभी हाल ही में सिंध प्रांत में स्थित बेहद पुराने व सभी धर्मो के लोगों में समान तौर पर लोकप्रिय लाल शहबाज मस्त कलंदर दरगाह पर आत्मघाती हमले में सौ से ज्यादा निर्दोष लोगों की हत्या की गई है।