पाकिस्तान ने भारतीय उप उच्चायुक्त को फिर तलब किया

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर कथित तौर पर ‘संघर्ष विराम के बेवजह उल्लंघन’ को लेकर आज लगातार तीसरे दिन भारतीय उप उच्चायुक्त जेपी सिंह को तलब किया और दावा किया कि भारतीय सैनिक रिहायशी इलाकों को ‘इरादतन’ निशाना बना रहे हैं। deputy high commissioner

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पाकिस्तान विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि महानिदेशक (दक्षिण एवं दक्षेस क्षेत्र) मोहम्मद फैसल ने सिंह को तलब किया और भारतीय सैनिकों द्वारा बस को जानबूझकर निशाना बनाकर किए गए संघर्ष विराम के उल्लंघन की निंदा की।

पाकिस्तान का कहना है कि धुडनियाल सेक्टर में भारतीय सुरक्षा बलों की गोलीबारी में नौ आम शहरी मारे गए और एक घायल हो गया।

इस हफ्ते पाकिस्तान ने संघर्ष विराम के उल्लंघन को लेकर लगातार तीसरे दिन भारतीय उप उच्चायुक्त को तलब किया है। सोमवार और मंगलवार को सिंह को तलब किया गया था।

इससे पहले दिन में पाकिस्तानी सेना ने कहा नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों के साथ गोलीबारी में कथित रूप से उसके तीन सैनिकों सहित सात लोग मारे गए जिसके साथ पिछले हफ्ते से इस तरह की घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या 14 हो गयी है।

नियंत्रण रेखा पर यह झड़प पाकिस्तानी सैनिकों की गोलीबारी में तीन भारतीय सैनिकों के मारे जाने के बाद भारत के जवाबी कार्यवाही की चेतावनी देने के एक दिन बाद हुई।

दूसरी तरफ, पाकिस्तानी विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कई ट्वीट कर कहा कि भारतीय सैनिक के शव को क्षत विक्षत करने की खबरों का मकसद पाकिस्तान की छवि धूमिल करना है।

दूसरी ओर भारतीय विदेश मंत्रालय ने आज स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद और पाकिस्तान के साथ वार्ता एक साथ नहीं चल सकती. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने अपनी मीडिया ब्रीफिंग में आज कहा कि पाकिस्तानी बलों ने 16 से 21 नवंबर के बीच जम्मू कश्मीर में तोपों और भारी मोर्टार का इस्तेमाल कर युद्धविराम का 27 बार उल्लंघन किया है. विकास स्वरूप ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के डिप्टी हाईकमिश्नर को तलब कर 12 से 21 नवंबर के बीच 27 बार किये गये युद्ध विराम के उल्लंघन पर विरोध जताया।

विकास स्वरूप ने कहा कि जब माहौल वार्ता के लिए माहौल आतंकमुक्त होना चाहिए. मालूम हो कि कल पाकिस्तान ने डीजीएमओ लेवल पर भारत के साथ वार्ता की पहल की थी. स्वरूप ने कहा कि हमें पाक के दावों से वाकिफ हैं, लेकिन उसे स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं. उन्होंने नेपाल व भूटान के पार 500 व 1000 रुपये के भारतीय नोटों के सवाल पर कहा कि वे आरबीआई के संपर्क में हैं और इसके कलेक्शन व जमा करने में मदद की जा रही है.

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