भारत सरकार ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास ने यह सलाह ईरान पर संभावित अमरीकी हमले के खतरे के बीच दी है।

अमरीकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान पर हमले की चेतावनी पहले भी दी जा चुकी है। इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। बताते चलें कि अमरीकी अधिकारी, कूटनीति को दोनों पक्षों के बीच अंतिम चरण का प्रयास बता रहे हैं।
नागरिकों को दी गई सलाह में सरकार ने कहा है कि वह वाणिज्यिक उड़ानों सहित उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग करके तुरंत ईरान छोड़ दें। बीते दिन यानी सोमवार को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए जारी एडवाइजरी में कहा है कि, ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्टयटकों) को वाणिज्यिक उड़ानों समेत उपलब्ध अन्य साधनों का उपयोग करके ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है।
दूतावास ने ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से, जिन्होंने दूतावास पर भारतीय सुरक्षा कार्यालय में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। उनसे (https://www.meaers.com/request/home) लिंक पर रजिस्ट्रेशन का अनुरोध किया गया है। दूतावास ने यह भी कहा है कि यदि ईरान में इंटरनेट सेवा बाधित होने के चलते कोई भारतीय नागरिक रजिस्ट्रेशन करने में असमर्थ है, तो भारत में उनके परिवार से अन्य लोग भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
एडवाइजरी में भारतीय दूतावास ने कहा है कि भारतीय नागरिकों और व्यक्तिगत पहचानकर्ताओं को उचित सावधानी बरतनी के साथ विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।
ईरान में रह रहे भारतीय नागरिक दूतावास से संपर्क में रहते हुए किसी भी घटनाक्रम के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर रखें।
ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक ट्रैवल और इमिग्रेशन पेपर्स अपने साथ तैयार रखें। साथ ही पासपोर्ट या इमिग्रेशन से संबंधित किसी भी सहायता के लिए भारतीय दूतावास से तुरंत संपर्क करें।
ये नागरिक भारतीय दूतावास की आपातकालीन संपर्क हेल्पलाइन के लिए इन नबरों पर संपर्क कर सकते हैं-
मोबाइल नंबर: +989128109115; +989128109109; +989128109102; +989932179359.
इसके अलावा इस ईमेल पते पर भी संपर्क कर सकते हैं- cons.tehran@mea.gov.in
गौरतलब है कि द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने सलाहकारों से कहा है कि यदि डिप्लोमेसी या किसी शुरुआती टारगेटेड अमरीकी हमले से ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम नहीं छोड़ता है, तो वह देश के नेताओं को सत्ता से हटाने के लिए एक बहुत बड़े हमले पर विचार करेंगे।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट से पता चला है कि हमले में जिन टारगेट पर फोकस किया जा रहा है, उनमें ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के हेडक्वार्टर से लेकर न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल फैसिलिटी तक शामिल हैं।
बताते चलें कि जिनेवा में अमरीका और ईरान के बीच अगले राउंड की बैठक होने वाली है। बातचीत के किसी नतीजे के आने से पहले ही ट्रंप ने इसके असफल होने पर अमरीकी कार्रवाई के विकल्पों के बारे में सोच रखा है।













