एशियन गेम्स में इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने चीन को शिकस्त देकर गोल्ड मेडल हासिल किया

एशियन गेम्स 2026 में तीरंदाजी के महिला कंपाउंड टीम इवेंट में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी शानदार रहा। भारत ने इस खेल में चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही अब भारत के गोल्ड मेडल की संख्या सात हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ज्योति, चिकिता और प्रीतिका की तिकड़ी ने मिलकर 238 अंक हासिल किए। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही चीन पर दबाव बनाया हुआ था। भारतीय खिलाड़ियों ने पहले सेट में 60 अंक हासिल किए, जबकि चीन की टीम 58 अंक तक पहुँच सकी।

भारत ने दूसरे सेट में भी 59-58 साथ अपनी बढ़त को बरकरा रखते हुए दो सेट के बाद कुल बढ़त 3 अंकों की बढ़त हासिल कर ली। खेल के तीसरे सेट में चीन ने शानदार वापसी करते हुए 60 अंक बनाए और भारत का स्कोर 59 रहा। इसके बावजूद भारत की बढ़त भी रही और फ़ाइनल स्कोर 178-176 रहा।

इस स्टेज पर आने के बाद भारतीय टीम के लिए ज़रूरी था कि वह फाइनल सेट में अपनी बढ़त कायम रखे। ज्योति, चिकिता और प्रीतिका ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए निशाने लगाए और परफेक्ट 60 अंक हासिल किए। मुकाबले में 238-234 अंकों के साथ भारत ने गोल्ड मेडल पर अपना कब्जा जमा लिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ज्योति, चिकिता और प्रीतिका के इस प्रदर्शन की बदौलत भारत ने न केवल चीन को हराकर गोल्ड जीता, बल्कि रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए एशियन गेम्स में देश के खाते में सातवां स्वर्ण पदक भी जोड़ दिया। उन्होंने इस मुकाबले में शानदार खेल खेला और 24 शॉट्स में भारतीय टीम ने 22 बार 10 अंक हासिल किए।

तीरंदाजी के महिला कंपाउंड टीम इवेंट में चारों सेट में भारत का प्रदर्शन इस प्रकार रहा-
पहला सेट: भारत 60-58 चीन
दूसरा सेट: भारत 59-58 चीन
तीसरा सेट: भारत 59-60 चीन
चौथा सेट: भारत 60-59 चीन
कुल स्कोर: भारत 238-234 चीन

विश्व रिकॉर्ड की बराबरी
गौरतलब है कि 238 अंकों के स्कोर के साथ भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने इस इवेंट के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने में कामयाबी पा ली है। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण कोरिया ने साल 2014 के एशियाई खेलों के फाइनल में बनाया था। दक्षिण कोरिया ने भी 238 अंक हासिल करके यह रिकॉर्ड बनाया था।

ताज़ा जानकारी के मुताबिक़, एशियन गेम्स 2026 में भारत ने पदक तालिका के शीर्ष 10 में जगह बना ली है। एथलेटिक्स के समापन के बाद अब देश की नजरें कुश्ती, मुक्केबाजी और तीरंदाजी पर होंगी।

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