एशिया कप का फाइनल मुकाबला जीतने के बाद टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने एक फैसले से 140 करोड़ भारतियों का जीत लिया है। कप्तान ने अपनी पूरी मैच फीस को भारतीय आर्मी और पहलगाम पीड़ितोंं को दान करने के फैसला किया है। वहीँ जीत के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इस वजह से मेडल सेरेमनी शुरू होने में एक घंटे की देरी हुई।

भारत ने नौवीं बार एशिया कप का खिताब जीत लिया है। एशिया कप 2025 मुक़ाबले में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी जीत के साथ ये महत्वपूर्ण कदम उठाया है। टीम इण्डिया ने पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर यह खिताब जीता है। यह इंटरनेशनल क्रिकेट में टीम इंडिया की पाकिस्तान पर लगातार आठवीं जीत है। भारतीय टीम 2022 एशिया कप के बाद से पाकिस्तान के खिलाफ कोई मुकाबला नहीं हारी है।
इस जेट के साथ ही कप्तान सूर्यकुमार ने घोषणा की कि वह अपनी पूरी मैच फीस भारतीय सेना को दान कर देंगे। सूर्या ने इस बात की जानकारी अपने सोशल मीडिया के जरिए दी है। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा ‘मैंने इस टूर्नामेंट की अपनी मैच फीस हमारे सशस्त्र बलों और पहलगाम आतंकी हमले में पीड़ित परिवारों की मदद के लिए दान करने का फैसला किया है। आप हमेशा मेरी यादों में रहेंगे।’
अवॉर्ड सेरेमनी यादगार पलों में उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब भारतीय टीम ने पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री और एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नाकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इस अभूतपूर्व घटना ने एक चैंपियन टीम को ट्रॉफी से वंचित कर दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार यादव ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में ऐसा कुछ कभी नहीं देखा, जहां एक कड़ी मेहनत से जीती हुई ट्रॉफी को टीम से दूर रखा जाए। अपने बयान में उन्होंने अपनी टीम और सपोर्ट स्टाफ को ही अपनी असली ट्रॉफी बताया। आगे उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए असली जीत टीम के सदस्यों और उनके बीच के संबंध हैं। ट्रॉफी न ले पाने के दुःख को व्यक्त करते हुए उन्होंने इस टूर्नामेंट को यादगार बताया।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीम के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। साथ ही बोर्ड ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए 21 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा भी की। यह अजीबोगरीब घटना भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गई है, जिसमें जीत और विवाद दोनों के मेल ने इसे कभी न भुलाया जाने वाला मैच बना दिया। वहीँ भारतीय टीम ने अपने प्रदर्शन से यह सन्देश भी दिया है वह एक शानदार हैं जो अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ चैंपियन टीम भी है।
