2026 में वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी भारत करेगा। यह घोषणा बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने की है। वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप ने पेरिस में विश्व चैंपियनशिप 2025 के समापन के बाद इसकी पुष्टि की है।

बताते चलें कि ये टूर्नामेंट हैदराबाद के गाचीबोवली इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया था। 2009 में के बाद ये दूसरा मौका है जब भारत को इस बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी मिली है। एशियाई महाद्वीप में भी इस टूर्नामेंट की वापसी आठ साल बाद होगी। एशिया में पिछली बार ये चैंपियनशिप 2018 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना में आयोजित किया गया था। उस समय नानजिंग शहर ने इस टूर्नामेंट की मेजबानी की थी।
2026 में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप का 30वां संस्करण होगा, जिसकी मेजबानी भारत को मिल गई है। आखिरी बार देश में ये टूर्नामेंट 2009 में हुआ था। ऐसा दूसरी बार है जब भारत इसकी मेजबानी कर रहा है।
बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन विश्व चैंपियनशिप की बात करें तो यह टूर्नामेंट 1977 में शुरू हुआ और 1983 तक हर तीन साल में आयोजित किया जाता था। साल 2005 तक यह द्विवार्षिक आयोजन बन गया और अब हर वर्ष ये टूर्नामेंट खेला जाता है।
यह टूर्नामेंट ओलंपिक वर्षों को छोडकर बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। विश्व चैंपियन एकल, युगल और मिश्रित युगल में चुने जाते हैं और विजेता को सबसे अधिक रैंकिंग अंक दिए जाते हैं।
इस प्रतियोगिता में भारत का प्रदर्शन लगातार अच्छा बना हुआ है। भारत 2011 से हर संस्करण में कम से कम एक पदक जीत रहा है। अब तक भारतीय शटलरों द्वारा कुल 15 पदक जीते गए हैं, जिसमें एक स्वर्ण, चार रजत और 10 कांस्य पदक शामिल हैं।
मैडल के मामले में पीवी सिंधु सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने वाली खिलाडी हैं। उन्होंने 2019 संस्करण में एक ऐतिहासिक स्वर्ण सहित पांच पदक जीता हैं। जिसमें दो रजत (2017, 2018) और दो कांस्य (2013, 2014) शामिल है।
साइना नेहवाल ने 2015 में रजत और 2017 में कांस्य पदक जीता था। किदांबी श्रीकांत ने 2021 में रजत पदक जीता। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने 2011 के संस्करण में महिला युगल में कांस्य पदक जीता था।
टोक्यो 2022 और पेरिस 2025 में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने दो कांस्य पदक जीते हैं।
31 अगस्त को समाप्त होने वाले बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में भारत ने सिर्फ एक मेडल जीता। टॉप देश चीन रहा, जिसने 2 गोल्ड समेत कुल 6 पदक जीते। जापान ने 1 गोल्ड समेत कुल 3 मेडल जीते। जापान की अकाने यामागुची ने महिला एकल के फाइनल में चीन की चेन यू फेई को हराया। पुरुष युगल को दक्षिण कोरिया की किम वोन हो और सियो सुंग जे ने जीता, जबकि चीन की लियू शेंग शू और टैन निंग ने महिला युगल का खिताब जीता।
