भारत ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में अपना दूतावास फिर से सक्रिय कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कदम अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्तकी की हालिया भारत यात्रा के बाद उठाया गया है, जिसके दौरान इस बात पर सहमति बनी थी कि भारत दूतावास को अपने तकनीकी मिशन का दर्जा देगा।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत काबुल में अपने मिशन के प्रमुख को चार्ज डी’अफेयर्स नियुक्त करेगा और बाद में एक राजदूत की नियुक्ति करेगा, जबकि तालिबान सरकार नवंबर तक अपने दो राजनयिकों को नई दिल्ली भेजेगी जो अफ़ग़ान दूतावास से काम करेंगे।
गौरतलब है कि इन गतिविधियों के बावजूद भारत ने अभी तक तालिबान सरकार को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है। इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने कहा कि काबुल स्थित भारतीय दूतावास अफगानिस्तान के व्यापक विकास, मानवीय सहायता और दक्षता विकास पहल में भारत के योगदान को और बढ़ाएगा।
तालिबान द्वारा काबुल पर कब्ज़ा करने के बाद भारत ने अगस्त 2021 में अपना दूतावास बंद कर दिया था, लेकिन सुरक्षा आश्वासन के बाद जून 2022 में काबुल में एक तकनीकी मिशन सक्रिय कर दिया था।
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 10 अक्टूबर को मुत्तकी के साथ मुलाकात में इसकी घोषणा की थी। इस कदम से भारत और अफगानिस्तान के बीच फिर से राजनयिक संबंध स्थापित हो गए हैं।
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 10 अक्टूबर को मुत्तकी के साथ मुलाकात में इसकी घोषणा की थी। इस कदम से भारत और अफगानिस्तान के बीच फिर से राजनयिक संबंध स्थापित हो गए हैं।
विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह दूतावास अफगानिस्तान के समग्र विकास, मानवीय सहायता और क्षमता निर्माण में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा। दूतावास का नेतृत्व एक वरिष्ठ राजनयिक करेंगे।














