2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की ज़िम्मेदारी भारत को मिल गई है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली में अहमदाबाद शहर को इसके लिए चुना गया है। भारत ने इससे पहले साल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी।

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली में अहमदाबाद शहर को इस खेल के आयोजन की मंजूरी दी गई है। इस बार 2030 की बोली में भारत का मुकाबला नाइजीरिया के अबुजा से था। जबकि कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अफ्रीकी देश को 2034 एडिशन के लिए विचार में रखने का फैसला किया है।
आईओए यानी भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा, “कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने जो भरोसा दिखाया है, उससे हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। 2030 के खेल न सिर्फ कॉमनवेल्थ आंदोलन के 100 वर्षों का जश्न मनाएंगे, बल्कि अगली शताब्दी की नींव भी रखेंगे। ये खेल कॉमनवेल्थ के देशों के खिलाड़ियों, समुदायों और संस्कृतियों को मित्रता और प्रगति की भावना के साथ एकजुट करेंगे।”
ग्लासगो में होने वाले 2026 के खेलों की तैयारी के बीच कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉक्टर डोनाल्ड रुकारे ने कहा, “यह कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के लिए एक नए स्वर्णिम युग का आग़ाज़ है। ‘गेम्स रीसेट’ के बाद हम ग्लासगो 2026 की ओर शानदार तैयारी के साथ बढ़ रहे हैं, जहां हम कॉमनवेल्थ की 74 टीमों का स्वागत करेंगे। इसके बाद अहमदाबाद 2030 पर हमारी नजरें होंगी, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के विशेष शताब्दी संस्करण की मेजबानी करेगा।”
आगे उन्होंने कहा कि भारत, युवा ऊर्जा, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, अपार खेल जुनून और प्रासंगिकता लेकर आता है। उन्होंने इस बात पर भी प्रसन्नता ज़ाहिर की कि 2034 गेम्स और उससे आगे की मेजबानी को लेकर कई देशों की रुचि है।
भारत को दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश बताते हुए कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने कहा है कि यहां खेलों का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। आगे यह भी कहा गया कि हालिया कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। याद दिला दें कि पिछली बार भारत की राजधानी नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ था।














