एक ऐतिहासिक फैसले में अदालत ने पहली बार दल बदल कानून के तहत विधायक की सदस्यता रद्द की

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक अहम आदेश देते हुए टीएमसी नेता मुकुल रॉय की विधान सभा की सदस्यता तत्कालीन प्रभाव से रद्द कर दी है। ऐसा पहली बार है जब हाई कोर्ट ने सीधे तौर पर एक विधायक की सदस्यता को “दल बदल कानून” के तहत रद्द का है।

एक ऐतिहासिक फैसले में अदालत ने पहली बार दल बदल कानून के तहत विधायक की सदस्यता रद्द की

अदालत के इस फैसले के साथ यह मंज़ूर हो गया है कि जब विधायक पार्टी बदलते हैं और अपनी मूल पार्टी की सीट पर बने रहते हैं, तब उन पर दल बदल कानून के तहत सदस्यता समाप्त की जा सकती है, और आज के इस आदेश ने इस दिशा में एक नया प्रीसिडेंट कायम किया है।

मामले में विपक्ष का तर्क दिया कि मतदाताओं भाजपा के प्रति अपना वोट दिया था, न कि व्यक्तिगत रूप से रॉय को, ऐसे में उनका पार्टी बदलना मतदाताओं के मन के अनुरूप नहीं था।

न्यायमूर्ति देवांग्सु बसाक व न्यायमूर्ति मोहम्मद शब्बार राशिदी की पीठ ने ये फ़ैसला सुनाया है। मई-2021 के विधानसभा चुनाव में मुकुल रॉय ने भाजपा के टिकट पर कृष्णनगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। उसके बाद जून 2021 में वे तृणमूल कांग्रेस के सदस्य बन गए।

मुकुल रॉय के पार्टी बदलने पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी व भाजपा विधायक अंबिका रॉय ने दलबदल कानून के तहत अदालतमें केस किया।

अदालत इस क्रम में विधानसभा के स्पीकर बिमन बंद्योपाध्याय द्वारा पहले दिए गए यह कहने वाले आदेश को भी खारिज कर दिया कि ‘रॉय भाजपा के सदस्य ही हैं,’ और इसलिए उन्हें हटाया नहीं जा सकता।

कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि “(मुकुल रॉय) 11 जून 2021 से ही संविधान की दसवीं अनुसूची एवं 1986 के नियमों के तहत अयोग्य हो चुके हैं व उनका नाम पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) के अध्यक्ष के रूप में नामांकन भी रद्द किया जाता है।”

मुकुल रॉय द्वारा भाजपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित होने और बाद में टीएमसी में शामिल होने को पार्टी-स्विच “स्वैच्छिक रूप से सदस्या छोड़ने” के रूप में देखा गया।

इस निर्णय से साफ संदेश मिला कि अब दल बदलाओं के मामलों में स्पीकर-स्तरीय निर्णयों के बजाय न्यायिक समीक्षा भी हो सकती है, और सदस्यता रद्दीकरण की दिशा में नए समायोजन हो सकते हैं।रॉय का नामांकन भी पीएसी के अध्यक्ष के रूप में विवादित रहा क्योंकि यह पद पारंपरिक रूप से विपक्षी दल का होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *