आईसीएमआर द्वारा निर्मित टूल ‘सेरेबो’ जानलेवा ब्रेन इंजरी और ब्लीडिंग का तुरंत पता लगाएगा

आईसीएमआर यानी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने एक पोर्टेबल हैंडहेल्ड डिवाइस ‘सेरेबो (CEREBO)’ तैयार किया है। यह गंभीर ब्रेन इंजरी के साथ आंतरिक रक्तस्राव की जानकारी मात्र दो मिनट में देने में सक्षम है। इस टूल को क्लिनिकल ट्रायल, सरकारी मंजूरी और प्रायोगिक जांच में शत प्रतिशत प्रभावी पाया गया है।

आईसीएमआर द्वारा निर्मित टूल ‘सेरेबो’ जानलेवा ब्रेन इंजरी और ब्लीडिंग का तुरंत पता लगाएगा

यह डिवाइस बिना चीरा लगाए दिमाग के अंदर होने वाले रक्ततस्राव या सूजन का पता लगा सकेगी। सेरेबो के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक की मदद से इमरजेंसी में और गंभीर जटिलताओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आकार में हेयर ड्रायर जैसी नज़र आने वाली इस अत्याधुनिक डिवाइस को आईसीएमआर मेडिकल डिवाइस एंड डायग्नॉस्टिक्स मिशन सेक्रेटेरिएट, एम्स भोपाल, निमहांस और बायोस्कैन रिसर्च ने मिलकर तैयार किया है।

यह डिवाइस एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन की तुलना में काफी छोटी होने के साथ सस्ती भी है। बताते चलें कि एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन की कीमत करोड़ों रुपये होती है। इनकी मेंटेनेंस पर भी भरी लागत आती है। वहीं सेरेबो की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है।

सेरेबो मशीन की मदद से दिमाग में खून के रिसाव और सूजन का पता महज दो मिनट में लगा सकते हैं। यह मशीन नियर-इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक पर आधारित है और इसमें लर्निंग एल्गोरिद्म लगा हुआ है। साथ ही इस टूल का प्रयोग इतना सरल है कि इसे डॉक्टर ही नहीं बल्कि कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी आसानी से समझ सकता है।

इसके बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक की मदद से देश के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में भी ब्रेन इंजरी की पहचान फ़ौरन कर पाना संभव होगा। यह उन जगहों के लिए बेहद कारगर होगी जहाँ एमआरआई या सीटी स्कैन मशीनें नहीं हैं।

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