26 जुलाई 1999 का दिन भारतीय सेना पराक्रम और बहादुरी के लिए जाना जाता है। आज के दिन 1999 भारत ने कारिगल युद्ध में पाकिस्तानी सेना शिकस्त दी थी। सरहद पर देश जवानों की शहादत की याद में 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।

03 मई 1999 को पाकिस्तान ने कारगिल की पहाड़ियों पर 5 हजार से ज्यादा सौनिकों के साथ घुसपैठ करते हुए कब्जा जमाने की कोशिश की थी। इसकी जानकारी मिलते ही भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ चलाया। अंततः 26 जुलाई को भारत ने पाकिस्तान को परास्त करते हुए अपनी कामयाबी का झंडा लहरा दिया।
#KargilVijayDiwas2023 केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस के मौके पर कारगिल युद्ध स्मारक पहुंच जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। pic.twitter.com/PveLmcsiRG
— NBT Hindi News (@NavbharatTimes) July 26, 2023
कारगिल युद्ध के 24 वर्ष बीत चुके हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच 1999 में तक़रीबन 60 दिन तक चलने वाले इस युद्ध में हिमाचल के 52 रणबांकुरों ने शहादत दी थी। देवभूमि के नाम से मशहूर हिमाचल प्रदेश को वीरभूमि का गौरव दिलाया।
Kargil Vijay Diwas: 60 दिन के कारगिल युद्ध में हिमाचल के 52 जवानों ने पाई शहादत, दिलाया वीरभूमि का गौरव https://t.co/lysZOBFZSu
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इस युद्ध में कारगिल के कांगड़ा जिले से सबसे अधिक 15 जवानों ने अपनी जान पर खेल कर इस युद्ध में विजय पाई थी। मंडी जिले से 10 जबकि हमीरपुर से आठ और बिलासपुर से सात तथा शिमला से चार, ऊना, सोलन और सिरमौर से दो-दो, चंबा और कुल्लू जिले से एक-एक जवान ने अपने जीवन के बदले अपनी माटी की रक्षा की थी।










