अडाणी समूह की सहायक कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने घोषणा की कि उद्योगपति और अडाणी समूह के संस्थापक गौतम अडाणी ने अडाणी पोर्ट्स के कार्यकारी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। गौतम अडाणी के इस्तीफे के बाद मनीष अग्रवाल को एपीएसईजेड का अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया गया है।

रेगुलेटरी फाईलिंग में कंपनी ने कहा है कि बोर्ड ने गौतम एस अडाणी को 5 अगस्त, 2025 से कार्यकारी अध्यक्ष से गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में दोबारा नामित करने को मंजूरी दे दी है। इसके बाद वह कंपनी के प्रमुख प्रबंधकीय व्यक्ति नहीं रहेंगे।
कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक़, गौतम अडाणी ने अपने प्रमुख प्रबंधकीय पद से इस्तीफा देने के बाद गैर-कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर लिया है। एपीएसईजेड यानी अडाणी पोर्ट्स ने मनीष अग्रवाल को कंपनी का अतिरिक्त निदेशक (गैर-कार्यकारी, स्वतंत्र) नियुक्त किया है। उनका प्रारंभिक कार्यकाल 5 अगस्त से तीन साल के लिए होगा।
कंपनी के मुताबिक़,अडाणी पोर्ट्स में पहले से ही दो कार्यकारी निदेशक- एक प्रबंध निदेशक और एक पूर्णकालिक निदेशक एवं सीईओ हैं। इस पुनर्नियुक्ति से गौतम अडाणी एपीएसईजेड के चेयरमैन के रूप में कार्य करते रहेंगे। उन्हें अडाणी समूह के भीतर अन्य संस्थाओं की रणनीतिक दिशा और विकास पर अधिक ध्यान देने में मदद मिलेगी।
बयान में एपीएसईजेड ने कहा है कि इस बदलाव से कंपनी एक्ट के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित हुआ है, जो प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारियों को एक साथ कई कंपनियों में कार्यकारी पदों पर रहने से सीमित करता है।
यह कदम भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 203 के अनुरूप है, जो प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों (केएमपी) द्वारा कई कार्यकारी पदों पर नियुक्ति पर सख्त प्रतिबंध लगाता है। कानून के अनुसार, एक पूर्णकालिक केएमपी—जैसे सीईओ, प्रबंध निदेशक, या पूर्णकालिक निदेशक—कुछ अपवादों को छोड़कर, एक से अधिक कंपनियों में एक ही समय में एक ही पद पर नहीं रह सकते।
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी में यह भी कहा गया है कि अडाणी समूह के संस्थापक गौतम अडाणी को तेतीस वर्षों से अधिक का कारोबारी तजुर्बा है। उनके नेतृत्व में, अडाणी समूह संसाधनों, रसद और ऊर्जा क्षेत्रों में एक ग्लोबल कंपनी के रूप में उभरा है।













