मेडिकल में प्रवेश के नाम पर जालसाजों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर एक करोड़ से ज़्यादा की ठगी की है। वेबसाइट के माध्यम से खुद मेडिकल साइंसेज का आधिकारिक प्रतिनिधि बताने वाले के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जांच शुरू की है।

मामले में जालसाजों ने ‘स्टडी पाथवे कंसल्टेंसी’ नाम से फर्जी वेबसाइट बनाने के बाद चार लोगों से एक करोड़ 26 लाख रुपए ठग लिए। वेबसाइट के माध्यम से इन ठगों ने खुद को प्रतिष्ठित हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का आधिकारिक प्रतिनिधि बताया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज करने के बाद फर्जी वेबसाइट के आईपी एड्रेस, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों तलाश शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, निराश पीड़ितों ने साइबर थाने में फ्रॉड का मामला दर्ज कराया है। पीड़ित विजय बहादुर का कहना है कि वह और तीन अन्य लोगों ने गोमती नगर के विजयंत खंड स्थित बताए गए ऑफिस में जाकर दाखिले की रकम जमा कराई थी। अक्टूबर की 29 को दाखिले का रिजल्ट न आने पर जब पीड़ितों ने संपर्क किया, तो सभी नंबर बंद मिले। गोमती नगर के ऑफिस में ताला लगा मिला।
लखनऊ के संतपुरम, इंदिरा नगर निवासी विजय बहादुर आजमगढ़ निवासी के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि जून 2025 में उन्होंने अपने भांजे के एमबीबीएस में एडमिशन के लिए गूगल पर सर्च करते हुए studypathwayconsultancy.com वेबसाइट मिली।
वेबसाइट पर मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी था। संपर्क करने पर उन लोगों ने खुद को कंसल्टेंसी का कर्मचारी बताया और कहा कि उनका ऑफिस विजयंत खंड, गोमती नगर में है। इन लोगों का दावा था कि उनकी कंपनी हिंद इंस्टीट्यूट में एडमिशन करवाती है।
विजय बहादुर जुलाई 2025 में जब गोमती नगर स्थित ऑफिस पहुंचे, तो वहां 8 से 10 लोगों का स्टाफ मौजूद था। अभिनव शर्मा और संतोष कुमार नाम के दो व्यक्तियों ने खुद को हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एडमिशन विभाग का हेड बताया। इन लोगों ने विजय बहादुर से एडमिशन के लिए 55 लाख रुपए मांगे। उनके झांसे में आकर विजय बहादुर ने 28 जुलाई 2025 को 15 लाख रुपए का डिमांड ड्राफ्ट और 2 अक्टूबर 2025 को 30 लाख रुपए नकद जमा किए। बदले में इन स्टाफ मेंबर में ने उन्हें रसीद दी और 10 लाख रुपए एडमिशन कंफर्म होने के बाद देने को कहा गया।
एडमिशन का रिजल्ट 29 अक्टूबर को आना था, जो नहीं आया। विजय बहादुर ने जब संपर्क किया तो सभी नंबर बंद मिले। ऐसे में गोमती नगर ऑफिस पहुंचने पर ताला मिला। इस बीच उन्हें वहां अन्य पीड़ित भी मिले, जिनके साथ इसी तरह का धोखा हुआ था।
मामला खुलने पर पता चला कि इन ठगों ने चार पीड़ितों से कुल 1.26 करोड़ का धोखा किया हैं। एडमिशन के नाम पर विजय बहादुर से 45 लाख रुपए, राजेश वर्मा से 20 लाख रुपए, दीप सिंह से 38 लाख रुपए और प्रीति सिंह से 23 लाख रुपए वसूले गए हैं।
पुलिस द्वारा जांच में पाया गया है कि जालसाजों ने प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर फर्जी वेबसाइट, इंस्टाग्राम पेज और बैंक खाते बनाने थे। इस संबंध में साइबर थाना इंस्पेक्टर बृजेश यादव ने मीडिया को जानकारी दी है कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की पड़ताल जांच शुरू कर दी है।















