उत्तर प्रदेश के किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। बीते नौ दिनों से ग्रेटर नोएडा में जमीन अधिग्रहण मामले से प्रभावित किसानों का ग्रेनो प्राधिकरण पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना जारी है।

किसानों ने प्राधिकरण पर आज महापंचायत बुलाई है। साथ ही अपनी मांगों को लेकर इन किसानों ने कल यानी 8 फरवरी को दिल्ली में संसद के घेराव का ऐलान किया है। आन्दोलन मे मौजूद किसानों का कहना है कि प्राधिकरण उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
इन किसानों की शिकायत है कि मांगें पूरी नहीं होने पर हम आंदोलन के लिए मजबूर हैं। साथ ही इन किसानो का कहना है कि नोएडा के 81 गांवों के हजारों किसान कल यानि 8 फरवरी को संसद घेराव के लिए ट्रैक्टर मार्च करेंगे।
नोएडा के किसानों की महापंचायत आज! मांगों के समर्थन में 8 फरवरी को संसद घेराव। यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील। #FarmersProtest#किसान_आंदोलन https://t.co/9yXaeWE5nQ
— Navjivan (@navjivanindia) February 7, 2024
किसानों के इस आंदोलन को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने जिले में 7 और 8 फरवरी को धारा 144 लागू की है। ऐसे में चार या उससे ज्यादा लोग एक साथ एकत्र होने तथा धार्मिक और राजनीतिक या अन्य किसी भी प्रकार के जुलूसों पर रोक रहेगी।
ये किसान दिसंबर 2023 से नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहीत अपनी जमीनों के बदले बढ़ा हुआ मुआवजा तथा भूखंड देने की मांग कर रहे हैं। किसानो की इस मांग को लेकर बीते नौ दिनों से आंदोलन किया जा रहा है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में किसानों के ट्रैक्टर मार्च को देखते हुए कई मार्गों का रुट बदल दिया गया है। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस की ओर से भी एक एडवाइजरी भी जारी की गई है। इस ट्रैफिक एडवाइजरी में यात्रियों से 7 और 8 फरवरी को होने वाली असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की बात कही गई है।
किसानों को शिकायत है कि प्राधिकरण उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। गौतमबुद्ध नगर में तीनों प्राधिकरणों में किसानों की समस्या के मुद्दे एक सामान हैं। इनका कहना है कि 10 फीसदी आवासीय भूखंड का मुद्दा तीनों प्राधिकरणों की बोर्ड बैठक से पास होने के बाद भी शासन की मंजूरी नहीं मिल सकी है।















