किसानों को चारोँ तरफ से समर्थन मिल रहा है

हरियाणा की 130 खाप पंचायतों ने किसानों को दिया समर्थन, कल से प्रदर्शन में जुड़ने का ऐलान
हरियाणा की कम से कम 130 खाप पंचायतों ने दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के मौजूदा प्रदर्शन में मंगलवार से शामिल होने का सोमवार को एलान किया है।

खाप के प्रवक्ता जगबीर मलिक ने कहा, “खाप के सभी लोग पहले किसान हैं और फिर नेता। वे पहले दिन से ही किसानों के प्रदर्शन के साथ जुड़े हैं। जैसा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि राज्य के किसान प्रदर्शन के साथ नहीं जुड़े हैं, यह एक गलत बयान है। हरियाणा के किसान इस प्रदर्शन से जुड़े हुए हैं।” मलिक ने कहा कि हरियाणा की सभी खापों ने सर्वसम्मति से प्रदर्शनकारी किसानों को समर्थन देने का निर्णय लिया है।

तीन नए किसान बिलों के विरोध में किसानों के प्रदर्शन का आज पांचवा दिन है। इसी को देखते हुए दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर के पास सुरक्षा व्यवस्था और चौकस कर दी है। दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी है और रास्तों पर बैरिकेड लगा दिए है। दिल्ली गुरुग्राम बॉर्डर पर केंद्रीय बलों समेत भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।

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दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए बॉर्डर क्षेत्रों का जायजा लिया।बॉर्डर पर तैनात दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “हमें हमारे सीनियर ने संदिग्ध वाहनों पर नजर रखने और राष्ट्रीय राजधानी में किसान समूहों के प्रवेश करने नहीं देने को लेकर नजर रखने को कहा है।”

गुरुग्राम पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि इस रूट से किसी भी किसान समूह ने दिल्ली में प्रवेश नहीं किया है।

किसानों की दुर्दशा देख मेडिकल कैम्प लगाने को मजबूर हुए गुरुग्राम के सर्जन
केंद्र द्वारा पारित तीन किसान कानूनों को रद्द किए जाने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। गुरुग्राम के दो चिकित्सक किसानों की दुर्दशा को देखकर इस कदर प्रभावित हुए कि वे खुद सिंघु बॉर्डर पर आ गए। डॉ. सारिका वर्मा और डॉ. करण जुनेजा गुरुग्राम के दो सर्जन हैं, जिन्होंने किसानों को सभी तरह की सहायता पहुंचाने के लिए दो मेडिकल कैम्प लगाए हैं, जहां दवाई से लेकर उपचार तक की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

ये दोनों चिकित्सक प्रदर्शकारी किसानों के बीच मास्क का भी वितरण कर रहे हैं और उनसे सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।

आईएएनएस संग बात करते हुए डॉ. सारिका वर्मा ने कहा, “हम यहां सुबह से हैं और अब तक बीस से अधिक मरीजों की ड्रेसिंग और 400 मरीजों की जांच कर चुके हैं। हम किसानों की हालत देखकर इस कदर हैरान और परेशान हुए कि हमने यहां मुफ्त में चिकित्सा शिविर लगाने का फैसला किया।”

डॉ. जुनेजा ने केंद्र से सभी किसानों के लिए कोविड टेस्ट की व्यवस्था कराए जाने की अपील की है। उन्होंने कहा, “हमें यहां कोविड टेस्ट की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर यहां संक्रमण के फैलने की संभावना है, तो यह बीमारी कई और लोगों तक फैलेगी, जो काफी घातक होगा।”

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