किसान आंदोलन को मिला अन्य राज्यों और यूनियनों का समर्थन, पांचवें दौर की बातचीत आज

नयी दिल्ली : किसानों और सरकार के बीच कृषि सुधार कानूनों को लेकर शनिवार को पांचवे दौर की बातचीत होगी। इस बीच किसान संगठनों ने भारत बंद का आह्वान कर दबाव बढ़ा दिया है।

पिछले दस दिन से दिल्ली में चल रहे इस आंदोलन की कामयाबी को देखते हुए अन्य राज्यों में भी आन्दोलन शुरू हो गया है और इन राज्यों की ओर से किसानों का समर्थन किया जा रहा है । दिल्ली की सीमा पर किसानों का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है और वे राष्ट्रीय राजधानी के सभी रास्तों को बंद करने की धमकी भी दे रहे हैं ।

किसान संगठनों ने कहा है कि अगर इन तीन नए कृषि कानून को रद्द नहीं किया गया तो आठ दिसंबर को भारत बंद किया जाएगा। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अपनी बात में कहा कि किसान संगठनों को आंदोलन का रास्ता छोड़ कर बातचीत से समस्या का समाधान करना चाहिए। श्री तोमर ने कहा कि भारत बंद भी किया जाता है तो बातचीत से ही रास्ता निकल सकता है।

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) के अलावा बिहार में राष्ट्रीय जनता दल ने आज से धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन को कल किसानों से मिलने भेजा था और वह करीब चार घंटे तक किसानों के साथ रहे। इस दौरान सुश्री बनर्जी ने टेलीफोन पर किसान नेताओं से बातचीत की और उन्हें हर तरह का समर्थन देने का आश्वासन दिया।

आंदोलन को इस बीच हरियाणा ,पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा कई अन्य राज्यों से आंदोलनकारी किसानों को खाने पीने की वस्तुओं की भरपूर मदद की जा रही है । इस आंदोलन को ट्रेड यूनियन संगठनों , ट्रांसपोर्ट यूनियनों तथा कुछ अन्य लोगों का भी समर्थन मिल रहा है ।

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