संयुक्त अरब अमीरात ने गाजा में घिरे फिलिस्तीनियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्थायी व्यवस्था की है। अमीराती अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से गाजा में प्रतिदिन लगभग 20 लाख गैलन स्वच्छ जल पहुँचेगा, जो लाखों प्रभावित लोगों के लिए आशा की किरण है।

संयुक्त अरब अमीरात के प्रयास उन क्षेत्रों में पानी पहुँचाने पर केंद्रित हैं जहाँ इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है, जिसमें गाजा के भीतर विस्थापन क्षेत्र और चिकित्सा केंद्र शामिल हैं।
ये पहल पानी की गंभीर कमी को दूर करने और गाजा में फिलिस्तीनियों, विशेष रूप से चल रहे संघर्ष से विस्थापित लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। जिससे 5,00,000 से 7,00,000 फिलिस्तीनी अपनी प्यास बुझा सकेंगे।
अमीराती अधिकारियों के अनुसार, राफा, फिलिस्तीन से खान यूनिस तक 6.7 किलोमीटर लंबी एक नई पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुँचाया जाएगा। गाजा और मिस्र की सीमा, राफा के पास अमीरात ने ऐसा संयंत्र लगाया है जो संयंत्र खारे पानी को पीने योग्य पानी में बदलने की प्रक्रिया (Desalination plants) के तहत गाजा में फिलिस्तीनियों को पेयजल उपलब्ध कराने का काम करेगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइली बमबारी और नाकाबंदी के कारण गाजा की 85 प्रतिशत से अधिक पानी की पाइप लाइनें नष्ट हो गई हैं। पिछले कुछ दिनों में, राफा सीमा के पास नई पानी की पाइपलाइनें बिछाई गई हैं और क्षतिग्रस्त पानी की लाइनों को बहाल किया जा रहा है।
दूसरी तरफ गाजा में भुखमरी के मंजर से भयभीत मिस्रवासियों ने अनाज, चावल और अन्य सूखी वस्तुओं से भरी बोतलें समुद्र में डालना शुरू कर दिया है, इस उम्मीद में कि यह गाजा के उत्पीड़ित लोगों तक पहुँचेगी।
हालाँकि यह एक प्रतीकात्मक कदम है, लेकिन इस कदम में भाग लेने वाले मिस्रवासियों का कहना है कि यह इज़राइली उत्पीड़न से निपटने का एक छोटा सा प्रयास है। उन्होंने भूमध्य सागर से सटे देशों, जैसे लीबिया, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया और मोरक्को, से भी इस कदम में योगदान देने की अपील की है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, बोतल में संदेश भेजने की विधि से प्रेरित यह कदम सराहनीय है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ता भी इसका स्वागत कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय सहायता एजेंसियों ने कहा है कि गाजा में 22 लाख लोग भूख से पीड़ित हैं। इज़राइल ने कई महीनों तक गाजा में सहायता पहुँचाने पर रोक लगा रखी थी।
यूएई समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम का कहना है कि ये उपाय यूएई के गाजा सहायता अभियान “ऑपरेशन अल-फारिस अल-शाहम III” के तहत किए जा रहे हैं, जबकि यूएई ने “तैयूर अल-खैर” हवाई सहायता सेवा भी फिर से शुरू कर दी है।
