महासागरों की सफाई करने वाली ‘इको-फ्रेंडली जल परी’

एस्टोनिया: 32 वर्षीय तैराक मेर्ले लाइवांड ने महासागरों को साफ़ करने का मिशन छेड़ रखा है। मेर्ले समुन्दर से कचरा इकट्ठा करती हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुकी मेर्ले को लोग ‘इको-फ्रेंडली’ जल परी भी कहते हैं।

महासागरों की सफाई करने वाली 'इको-फ्रेंडली जल परी'

एस्टोनिया की मेर्ले लाइवांड तैरते समय अपने दोनों पैरों को चप्पूनुमा पर में फंसा लेती हैं। पहले चरण में, मियामी जलक्षेत्र में लगभग 31 मील की यात्रा करने में उन्हें 14 घंटे और 15 मिनट लगे। इससे पहले 2019 में उन्होंने कैलिफोर्निया के समुद्र में 10 किमी तैराकी का चरण पूरा किया था। वह हर 10 महीने बाद 10 किमी का इज़ाफ़ा करती है और अब तक वह कई रिकॉर्ड बना चुकी हैं।

मेर्ले को रास्ते में जो भी कचरा मिलता है, वह उसे इकट्ठा कर लेती है। एक बार उन्होंने तैराकी में रिकॉर्ड बनाया और 12 किलो कचरा भी जमा कर लिए। इसके अलावा, उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक सहित कई पुरस्कार जीते हैं।

मेर्ले लाइवांड ने वर्ष 2014 में ‘जलपरी स्विमिंग स्कूल’ की भी स्थापना की, जहां वह बच्चों को मोनोफिन के साथ तैरना सिखाती हैं। मोनोफिन तैराकी उसे कहते हैं जब दोनों पैरों में एक चप्पूनुमा पर पहनकर तैराकी की जाए।

वर्तमान में, दुनिया के महासागरों में प्लास्टिक के 50 से 70 ट्रिलियन छोटे टुकड़े हैं, जो माइक्रोप्लास्टिक कणों में टूट रहे हैं और नुकसान पहुंचा रहे हैं। अब ये जानवरों के साथ-साथ इंसानों के खून में भी मिल रहे हैं।

मेर्ले पर्यावरण हितैषी जलपरी बनकर लोगों को समुद्र साफ करने के लिए जागरूक भी कर रही हैं। पर्यावरण समर्पण के प्रति उनकी इस चाहत को देखते हुए उन्हें गिनीज़ बुक के साथ कई और सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है।

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