ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर विवाद: विपक्ष ने एसआईआर को ‘विनाशकारी’ प्रक्रिया बताया

ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर विवाद में चुनाव आयोग द्वारा सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से किया इनकार पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। आरोप में विपक्ष का कहना है कि आयोग सॉफ्टवेयर के नाम और संस्करण का खुलासा करने से बार-बार इनकार कर रहा है।

प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग का जानकारी छिपाना संदेह पैदा करता है। पार्टी का कहना है कि ईसीआईनेट से संबंधित विवरण सामने आने पर एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और समीक्षा में मदद मिल सकती है। कांग्रेस का कहना है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर और केंद्रीकृत स्तर पर हेरफेर हुआ है। पार्टी ने एसआईआर को लेकर अपनी आलोचना जारी रखते हुए इसे ‘विनाशकारी’ प्रक्रिया बताया है।

इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी का दावा है कि जानकारी सामने आने से एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का पता चल सकता है। ऐसे में कांग्रेस ने ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने को लेकर चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, रविवार को कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर विवादित ईसीआईनेट (ECINET) सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी छिपाने का गंभीर आरोप लगाया। विपक्ष की तरफ से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के साथ एसआईआर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग लगातार दोहराई जा रही है।

पार्टी ने दावे के साथ कहा कि निर्वाचन आयोग बार-बार इस जानकारी को सार्वजनिक करने से इनकार कर रहा है। पार्टी का कहना है कि इससे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित तौर पर हुई बड़े पैमाने की और केंद्रीकृत गड़बड़ियों की हकीकत सामने आ सकती है।

सोशल मीडिया पर एक रिपोर्ट शेयर करते हुए कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने दावा किया गया है कि भारत निर्वाचन आयोग ने ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर के नाम और उसके संस्करण से जुड़ी जानकारी देने से इनकार कर दिया है। इस पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा, ‘भारतीय निर्वाचन आयोग विवादित ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी लगातार छिपा रहा है। यह सॉफ्टवेयर एसआईआर की विवादित प्रक्रिया के केंद्र में है और इसका प्रयोग बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को केंद्रीकृत तरीके से अंजाम देने के लिए किया गया है।’

जयराम रमेश ने अपनी पोस्ट के हवाले से सवाल किया, ‘भारतीयों को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के खुलासे से यह क्यों पता चला कि ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर उसी ने विकसित किया है? निर्वाचन आयोग ने इस जानकारी का पारदर्शी तरीके से खुलासा क्यों नहीं किया?’

आगे उन्होंने कहा, ‘निर्वाचन आयोग एसआईआर और मतदाता सूची के पुनरीक्षण में एआई के इस्तेमाल से बार-बार इनकार क्यों कर रहा है, जबकि इसका स्पष्ट रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है?’

आगे वह यह भी लिखते हैं, ‘ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर और निर्वाचन आयोग का आईटी विभाग उन मुद्दों में शामिल थे, जिन पर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई एतराज़ जताया था। ये शिकायतें प्रधानमंत्री के अधीन आने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) तक भी पहुंची थीं। जनता जानती है कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ देना चाहिए। एसआईआर की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोक दी जानी चाहिए।’

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