सोशल मीडिया के भरोसे एक्सरसाइज और डाइट रूटीन न अपनाएं: एक्सपर्ट्स की सलाह

डायट एंड हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि दूसरों के देखे नए हेल्थ ट्रेंड्स अपनाने के बजाय, आपको अपनी ज़रूरतों, फिजिकल एबिलिटी, डाइट और हेल्थ स्टेटस के हिसाब से रूटीन बनाना चाहिए।

जर्नल बॉडी इमेज की एक स्टडी हमें एक शुरुआती झलक देती है। #fitness, #gymtok, #fittok जैसे पॉपुलर TikTok फिटनेस हैशटैग के 200 वीडियो की जांच करने के बाद, ऑस्ट्रेलियाई रिसर्चर्स ने पाया कि फिटनेस इन्फ्लुएंसर द्वारा पोस्ट किए गए 60 प्रतिशत वीडियो में गुमराह करने वाली या नुकसानदायक जानकारी दी गई थी।

लेखकों का कहना है कि वीडियो पोस्ट करने वाले ज़्यादातर लोगों को इस बारे में ज़रूरी ट्रेनिंग नहीं दी गई थी कि वे किस बारे में पोस्ट कर रहे हैं। ज़्यादातर वीडियो में नेगेटिव मैसेज भी थे।

स्टडी की मुख्य लेखक और ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी में PhD कैंडिडेट सामंथा प्राइड ने कहा, “आम तौर पर कैलोरी की कमी को बढ़ावा देना काफी परेशान करने वाली बात थी।” उनका कहना है कि कई वीडियो में वज़न घटाने के लिए पब्लिक हेल्थ की सलाह से भी कम, बहुत ज़्यादा कैलोरी की कमी को बढ़ावा दिया गया।

एक्सपर्ट के मुताबिक, सिर्फ़ 3 से 4 दिन का रूटीन फॉलो करने से लंबे समय तक नतीजे नहीं मिलते, बल्कि ऐसी आदतें अपनानी चाहिए जिन्हें लंबे समय तक बनाए रखा जा सके। सोशल मीडिया पर हेल्थ, एक्सरसाइज और डाइट से जुड़ी हर सलाह मानने के बजाय, पहले यह पता करना ज़रूरी है कि यह देखने वाले के लिए सही है या नहीं। सच्चाई यह है कि वज़न कम करने और अपनी बॉडी को सिमेट्रिकल शेप में लाने में सालों लग जाते हैं।

हेल्थ प्रॉब्लम्स कुछ दिनों या हफ़्तों में ठीक नहीं होतीं। इसके लिए सर्टिफाइड प्रोफेशनल्स से मिलें। कोई भी नया डाइट प्लान शुरू करने से पहले किसी सर्टिफाइड डाइटीशियन/न्यूट्रीशनिस्ट और वर्कआउट के लिए क्वालिफाइड फिटनेस ट्रेनर से सलाह लेना ही समझदारी है।

किसी पर्सनैलिटी से प्रभावित होने के बजाय, अपने डेली रूटीन में कंसिस्टेंसी और काम करने लायक आदतें अपनाने से लंबे समय तक हेल्थ और वेलनेस में मदद मिलती है। इस बारे में कई फिटनेस कोच का मानना है कि आज की यंग जेनरेशन इंटरनेट पर देखी गई हर रील से बहुत आसानी से प्रभावित हो जाती है और हर रील को असलियत मान लेती है। यूज़र्स भी आर्टिस्ट्स द्वारा ऑनलाइन इंटरव्यू में शेयर किए गए रूटीन से प्रभावित होकर उन्हें अपना लेते हैं, जिसके नतीजे बहुत गंभीर हो सकते हैं।

फिटनेस कोच का कहना है कि इंटरनेट पर कोई भी हेल्थ या फिटनेस सलाह देखकर तुरंत एक्शन लेने के बजाय, 2 मिनट रुककर उसकी ज़रूरत और फायदे पर सोचें।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति 36 घंटे फास्टिंग का रूटीन फॉलो करता है, लेकिन फिर शराब पीता है और अनहेल्दी खाना खाता है, तो ऐसी प्रैक्टिस का मकसद खत्म हो जाता है।

फिटनेस एक्सपर्ट से हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए खास टिप्स
छोटे गोल सेट करें: डाइट और एक्सरसाइज में अचानक बड़े बदलाव करने के बजाय, रोज़ाना 5 मिनट की वॉक या कुछ एक्सरसाइज से शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं।

डाइट में हेल्दी चीजें शामिल करें: पसंदीदा खाने को पूरी तरह से बैन करने के बजाय, बैलेंस्ड और पौष्टिक डाइट को प्राथमिकता दें, धीरे-धीरे खाएं और पेट भरा हुआ महसूस करने पर ध्यान दें।

अपनी पसंदीदा एक्सरसाइज चुनें: फिटनेस कोच के मुताबिक, दौड़ना ज़रूरी नहीं है, इसकी जगह स्विमिंग, साइकिलिंग, डांसिंग या वॉकिंग जैसी एक्टिविटीज़ अपनाई जा सकती हैं।

आराम और रिकवरी को अहमियत दें: एक्सरसाइज के साथ-साथ शरीर को आराम देना भी ज़रूरी है, अपनी फिजिकल कंडीशन के हिसाब से एक्सरसाइज रूटीन बदलें, किसी आर्टिस्ट या कोच की फिटनेस की वजह से खुद पर ज़्यादा ज़ोर देने या एक बार में बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज करने से बचें।

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