डीजीसीए ने एयरलाइन कंपनियों को अपने विमानों में ‘फ्यूल स्विच लॉकिंग’ प्रणाली की जांच करने के आदेश दिए हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय का तह आदेश एयर इंडिया के बोइंग 787 विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने के कुछ दिन बाद ही आया है। जांच रिपोर्ट में पाया गया था कि पिछले महीने हुए हादसे से ठीक पहले विमान के स्विच बंद कर दिए गए थे।

सोमवार को इस संबंध में डीजीसीए ने कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू परिचालकों ने एफएए के विमानों की उड़ान भरने की पात्रता के मुताबिक अपने विमान बेड़े का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
प्रभावित विमान का परिचालन करने वाली सभी एयरलाइन कंपनियों को यह सलाह भी दी गई है कि वे 21 जुलाई, 2025 से पहले निरीक्षण का काम पूरा कर लें। गौरतलब है कि निरीक्षण पूरा होने के बाद निरीक्षण योजना और रिपोर्ट संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के साथ ही इस कार्यालय को दी जाएगी।
बताते चलें कि भारतीय विमानन कंपनियां 150 से अधिक बोइंग 737 और 787 विमानों का संचालन करती हैं। इनमें एयर इंडिया सहित एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और स्पाइसजेट शामिल हैं।
रविवार को इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन की ओर से कहा गया था कि पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त एआई 171 उड़ान के चालक दल ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों के अनुरूप काम किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अटकलों के आधार पर पायलटों को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
बताते चलें कि एएआईबी यानी हवाई दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो ने एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर शनिवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। इस दुर्घटना में करीब 260 लोग मारे गए थे।
पंद्रह पन्नों की इस रिपोर्ट में एएआईबी ने कहा है कि एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 के दोनों इंजन में ईंधन पहुंचाने वाले स्विच उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड में बंद हो गए थे जिससे वह तुरंत ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। बताते चलें कि ईंधन नियंत्रण स्विच विमान के इंजन में ईंधन के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं।
इस बीच मिली जानकारी के मुताबिक़, एयर इंडिया समूह ने अपने बोइंग 787 और 737 विमानों में ‘फ्यूल स्विच लॉकिंग’ प्रणाली की जांच शुरू कर दी है। ख़बरों से पता चला है कि एयर इंडिया के आधे से ज्यादा बोइंग 787 विमानों में लॉकिंग प्रणाली की जांच पूरी हो चुकी है। साथ ही बोइंग 737 विमानों की जांच लगभग पूरी होने की खबर है।
बताते चलें कि टाटा के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के पास कुल 33 बोइंग 787 विमान हैं, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास करीब 75 बोइंग 737 विमान हैं। अकासा एयर और स्पाइसजेट बोइंग 737 विमानों का संचालन करती हैं। इंडिगो बोइंग 787 और 737 विमानों का भी संचालन करती है। ये विमान विदेशी एयरलाइन कंपनियों से लीज़ पर लिए गए हैं, ऐसे में ये डीजीसीए के निर्देशों के अधीन नहीं आते।













