रविवार को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक मैत्रीपूर्ण टी-20 क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। राजधानी के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में दिल्ली पुलिस और सांसदों की टीम के बीच मुक़ाबला हुआ। इस मैच के माध्यम से संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवनशैली और नियमित जांच से टीबी जैसी गंभीर बीमारी पर विजय पाई जा सकती है।

इस विशेष क्रिकेट मैच का आयोजन कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया की ओर से किया गया था। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘टीबी मुक्त भारत’ संकल्प को जन-जन तक पहुँचाना था। मैच में भाजपा और अन्य दलों के सांसदों के साथ दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
मैच की के दौरान बल्लेबाजी कर रहे मनोज तिवारी एक शॉट खेलने के बाद तेजी से रन बनाने के प्रयास में घायल हो गए। उनके पैर की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया। वह कराहते हुए पिच के बीच में ही लड़खड़ाए और बैठ गए। तुरंत मेडिकल टीम ने मैदान पर पहुंचकर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा।
जागरूकता के मक़सद से खेले गए इस मैच में वैसे तो हार-जीत का कोई मतलब नहीं था। यहाँ दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि दिल्ली पुलिस ने 12 रनों से जीत दर्ज की। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, बीसीसीआई उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस पहल की सराहना की।
इस विशेष पहल के केंद्र में हिमाचल प्रदेश के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर रहे, जिनकी पहल पर यह अभियान पिछले कई वर्षों से चलाया जा रहा है। पूर्व खेल मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर ने इस मैच के बारे में अपनी टिप्पणी में कहा कि हार-जीत से बड़ा उद्देश्य टीबी मुक्त भारत के प्रति जागरूकता फैलाना है। आगे उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि जिस तरह हम मैदान पर पसीना बहा रहे हैं, उसी तरह देश से टीबी को भी पूरी तरह खत्म करें।










