बीते दिन कांग्रेस की दिल्ली इकाई के नेताओं ने विरोध जताया। इन लोगों ने सड़क किनारे चूल्हे पर रोटियां सेंककर गैस की किल्लत और महंगाई पर प्रदर्शन किया।

ईरान और अमरीका-इसरायल युद्ध के चलते रसोई गैस की कमी की कथित खबरों के बीच देशभर में लोग एलपीजी वितरण केंद्रों के बाहर लोगों की लंबी लाइन देखी गई। इन्ही हालत में कई जगहों के होटल और मेस आदि बंद होने की भी ख़बरें आ रही हैं। हालाँकि सर्कार की तरफ से सप्लाई को सुचारु बनाए रखने आश्वासन दिया गया है। साथ ही कालाबाज़ारी से बचने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इस बीच कांग्रेस की दिल्ली इकाई के नेताओं ने पारंपरिक चूल्हे जलाकर सड़क किनारे रोटियां सेंकी और अपना विरोध दर्ज कराया। मुख्य विपक्षी कांग्रेस पार्टी नेताओं ने एलपीजी सिलेंडरों की ‘कालाबाजारी’ और उन्हें खरीदने में परिवारों और छोटे व्यवसायों के सामने आने वाली कठिनाइयों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
विरोध के दौरान कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीपीसीसी कार्यालय से कुछ दूरी तक मार्च किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पार्टी ने आरोप में कहा है कि एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी और लोगों को होने वाली आर्थिक परेशानी के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और मोदी सरकार जिम्मेदार हैं।












