लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र जारी, इस ‘न्याय पत्र’ में हैं पांच न्याय और 25 गारंटी का वादा

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र जारी कर दिया गया है। कांग्रेस ने इसे ‘न्याय पत्र’ का नाम दिया है जिसमे ‘पांच न्याय’ और 25 ‘गारंटी’ का ज़िक्र किया गया है।

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र जारी, इस 'न्याय पत्र' में हैं पांच न्याय और 25 गारंटी का वादा

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस पार्टी के मेनिफेस्टो, न्याय पत्र का विमोचन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम सहित कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में किया गया।

कांग्रेस का कहना है कि हम मिलकर भारत के लोगों के लिए एक समृद्ध, न्याय से भरे और सामंजस्यपूर्ण भविष्य का रास्ता बनाएंगे। अपने घोषणा पत्र में कांग्रेस पार्टी ने पांच न्याय सम्मिलित किए हैं। इनमें बेरोजगार सहित महिला, युवा, किसान और मजदूर की बात कही गई है।

कांग्रेस पार्टी का वादा है कि उनकी सरकार बनने पर वह देश में जाति आधारित जनगणना कराएगी और आरक्षण की अधिकतम सीमा को बढ़ा कर 50 प्रतिशत से ज्यादा करेगी।

मेनिफेस्टो में कांग्रेस ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण को सभी वर्गों के गरीबों के लिए बिना भेदभाव के लागू करने की बात भी कही है।

सरकार में आने के बाद कांग्रेस ने नई शिक्षा नीति पर राज्य सरकारों के साथ परामर्श करेके इसमें संशोधन करने की बात भी कही है।

इसके अलावा कांग्रेस ने पिछले 10 वर्षों में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराने का भी आश्वासन दिया है।

कांग्रेस ने वादा किया कि वह ऊपरी अदालतों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए उच्चतम न्यायालय के साथ विचार विमर्श कर राष्ट्रीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाएगा।

कांग्रेस का ‘न्याय पत्र’ जिन पांच न्याय की बात करता है उसमे ‘हिस्सेदारी न्याय’, ‘किसान न्याय’, ‘नारी न्याय’, ‘श्रमिक न्याय’ और ‘युवा न्याय’ की बात की गई है।

‘युवा न्याय’ के तहत मेनिफेस्टो में 30 लाख सरकारी नौकरियां देने और युवाओं को एक साल के लिए प्रशिक्षुता कार्यक्रम के तहत एक लाख रुपये देने की बात कही गई है।

कांग्रेस ने ‘हिस्सेदारी न्याय’ के तहत जाति जनगणना का वादा किया है। जबकि ‘किसान न्याय’ के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा, कर्ज माफी आयोग के गठन तथा जीएसटी मुक्त खेती का आश्वासन दिया गया है।

‘श्रमिक न्याय’ के अंतर्गत मजदूरों को स्वास्थ्य का अधिकार देने, प्रतिदिन न्यूनतम मजूदरी 400 रुपये सुनिश्चित करने और शहरी रोजगार गारंटी का वादा किया गया है।

कांग्रेस ने मेनिफेस्टो में ‘नारी न्याय’ के अंतर्गत ‘महालक्ष्मी’ गारंटी के अंतर्गत गरीब परिवारों की महिलाओं को एक-एक लाख रुपये प्रति वर्ष देने जैसे कई वादे किए हैं।

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