उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में

नई दिल्ली। दिल्ली समेत पूरा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में है। देश की राजधानी में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया, जबकि कश्मीर में 40 दिन का भीषण ठंड का मौसम चिल्लई कलां शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान थोड़ी वृद्धि के साथ 4.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले बृहस्पतिवार चार डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ इस मौसम का सबसे सर्द दिन रहा।

मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान मौसम के औसत से तीन डिग्री कम रहा और सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 89 फीसदी दर्ज किया गया। कश्मीर में स्थानीय भाषा में चिल्लई कलां कहलाने वाली 40 दिन की सर्वाधिक भीषण ठंड शुक्रवार को शुष्क मौसम के साथ शुरू हो गई। घाटी एवं लद्दाख क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप जारी है क्योंकि राज्य में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे बना हुआ है।

मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने यहां बताया कि चिल्लई कलां के दौरान सबसे भीषण ठंड पड़ती है। इस दौरान निरंतर बर्फबारी होती है और अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट आती है। शुक्रवार से चिल्लईं कलां की शुरुआत हो गई। चिल्लईं कलां की अवधि 31 जनवरी को खत्म होगी लेकिन इसके बाद भी कश्मीर में शीतलहर जारी रहती है।

अधिकारियों ने बताया कि समूचे कश्मीर में मौसम शुष्क बना हुआ है जबकि अधिकतम स्थानों पर रात के तापमान में जमाव बिंदू से नीचे कई डिग्री की गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर एकमात्र ऐसा स्थान रहा जहां बृहस्पतिवार की रात तापमान में वृद्धि देखी गई। शहर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जो एक रात पहले शून्य से नीचे 4.9 डिग्री रहा।

पंजाब और हरियाणा में शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। शुक्रवार को दोनों राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। पंजाब का आदमपुर दोनों राज्यों में सबसे ठंडा इलाका रहा जहां न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

मौसम विभाग के मुताबिक फरीदाबाद और बठिंडा में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। फरीदाबाद में जहां न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है वहीं बठिंडा का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा में नारनौल सबसे ठंडा इलाका रहा जहां तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

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