मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग बैलेट पेपर के डिजाइन में कुछ बदलाव किए हैं। यह संशोधन चुनाव नियम 1961 के नियम 49B के तहत किया गया है। इन बदलाव का मक़सद वोटर के लिए स्पष्टता बढ़ाना है। इसकी शुरुआत बिहार से की जा रही है।

चुनाव आयोग ने ईवीएम बैलेट पेपर के डिजाइन एवं प्रिंटिंग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। आयोग द्वारा किया गया यह संशोधन चुनाव नियम 1961 के नियम 49B के तहत किया गया है।
नए प्रावधान के तहत चुनाव में हिस्सा ले रहे उम्मीदवारों के चित्र अब बैलेट पेपर पर रंगीन रूप में छपे मिलेंगे यही नहीं इनका चेहरा तस्वीर के तीन-चौथाई हिस्से में होगा जिससे इसे आसानी से पहचाना जा सके।
चुनाव प्रक्रिया को पहले की अपेक्षा सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए चुनाव आयोग ने पिछले छह महीनों में 28 अहम पहल की हैं। फोटो का बदलाव भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है।
समानता और स्पष्टता बनाए रखने के लिए अब सभी उम्मीदवारों और ‘नोटा’ के नाम एक ही फॉन्ट और एक ही आकार में बड़े अक्षरों में छापे जाएंगे जिससे बनी रहे।उम्मीदवारों और ‘नोटा’ (NOTA) के क्रमांक अंतरराष्ट्रीय भारतीय अंकों के रूप में लिखे जाएंगेऔर इनका फॉन्ट साइज 30 और बोल्ड रखा गया है ताकि मतदाता इसे साफ तौर पर देख सकें।
विधानसभा चुनावों के लिए इन बैलेट पेपरों को गुलाबी दिया गया है। नए बैलेट पेपर 70 जीएसएम पेपर पर छापे जाएंगे। इसके बाद अन्य राज्यों में भी इसे लागू किया जाएगा।















