हार्वर्ड यूनिवर्सिटी दुनिया की सबसे अच्छी यूनिवर्सिटी की लिस्ट में तीसरे नंबर पर आ गई है। सेंटर फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्टडीज़ लेडेन रैंकिंग नीदरलैंड्स में लेडेन यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्टडीज़ ने तैयार की है।

सेंटर फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्टडीज़ (CWTS) लेडेन रैंकिंग 2025 के मुताबिक, साइंस के फील्ड में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी तीसरे नंबर पर आ गई है, जबकि चीन की झेजियांग यूनिवर्सिटी पहले और शंघाई जियाओतोंग यूनिवर्सिटी दूसरे नंबर पर है।
नीदरलैंड्स की लेडेन यूनिवर्सिटी में ‘सेंटर फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ द्वारा एकत्र डेटा पर आधारित लेडेन रैंकिंग के मुताबिक़, लिस्ट में पहला स्थान चीन की झेजियांग यूनिवर्सिटी का है। हालांकि हार्वर्ड अभी भी सबसे ज्यादा साइंटिफिक पब्लिकेशन के मामले में टॉप पर बना हुआ है, लेकिन टॉप-10 में 7 अन्य चीनी यूनिवर्सिटीज भी शामिल हैं। लेडेन रैंकिंग 2025 के मुताबिक, टॉप नौ यूनिवर्सिटी में से ज़्यादातर चीन की हैं। इस संस्था की रैंकिंग दुनिया की 1,500 से ज़्यादा यूनिवर्सिटी की साइंटिफिक परफॉर्मेंस का ओवरव्यू देती है।
लेडेन रैंकिंग के मुताबिक़, इस लिस्ट में टॉप-10 में केवल दो ही अमरीकी यूनिवर्सिटी शामिल हैं, जो काफी चौंकाने वाली बात है। रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह अमरीका का एक प्रतिद्वंदी देश उसे हायर एजुकेशन में भी टक्कर देने लगा है।
बताते चलें कि बताते चलें कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय की स्थापना 1636 में हुई थी, जब मैसाचुसेट्स के उपनिवेशवादियों ने ‘न्यू कॉलेज’ के रूप में इसकी नींव रखी। वर्ष 1639 में अपने पहले बड़े दानदाता जॉन हार्वर्ड के नाम पर इसका नाम बदलकर ‘हार्वर्ड कॉलेज’ कर दिया गया, जो अमरीका का सबसे पुराना उच्च शिक्षा संस्थान है और लम्बे समय तक यह टॉप पर बना रहा। लेकिन 2019 के बाद चीनी यूनिवर्सिटीज़ ने उसे पीछे छोड़ दिया।ध्यान रहे कि 2006 से 2009 तक, ज़्यादातर टॉप पोजीशन पर अमरीकी यूनिवर्सिटीज़ का दबदबा था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कई बड़ी अमरीकी यूनिवर्सिटीज़ जो पहले टॉप 10 में थीं, अब टॉप 15 में भी नहीं हैं, जिनमें यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन, यूसीएलए, जॉन्स हॉपकिन्स, यूनिवर्सिटी ऑफ़ वाशिंगटन सिएटल, यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेन्सिलवेनिया और स्टैनफोर्ड शामिल हैं।
रिपोर्ट बताती है कि चीन के हायर एजुकेशन संस्थान लगातार टॉप रैंक में शामिल हो रहे हैं। चीनी यूनिवर्सिटीज में बड़ी संख्या में क्वालिटी वाली रिसर्च पब्लिश की जा रही हैं। लेडेन रैंकिंग का यह पारंपरिक एडिशन वेब ऑफ़ साइंस डेटाबेस पर आधारित है और दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज़ के साइंटिफिक परफॉर्मेंस के बारे में पूरी जानकारी देता है।













