बुधवार को एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और उसके अन्य संयुक्त उद्यमों तथा सहायक कंपनियों में निवेश के लिए रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता स्थापित करने के उद्देश्य से बिजली के बढ़े हुए आवंटन को मंजूरी दी गई है। एनटीपीसी और एनजीईएल को दिया गया यह विस्तारित आवंटन देश में रिन्यूएबल प्रोजेक्ट के त्वरित विकास में सहायक होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति सीसीईए ने रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता वाली योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपए तक के परिव्यय के साथ बिजली के बढ़े हुए आवंटन को मंजूरी दे दी है।
इस बदलाव से एनटीपीसी को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड में नई इक्विटी डालने में मदद मिलेगी,जो बदले में एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और ग्रीन एनर्जी के विकास में लगे अन्य संयुक्त उद्यमों या सहायक कंपनियों को वित्त उपलब्ध करवाएगी।
एनर्जी सेक्टर में बड़े बदलाव के लिए देश के आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज एनटीपीसी लिमिटेड के निवेश सीमा में बढ़त को मंजूरी दे दी है। इससे इस सरकारी कंपनी को अपनी रिन्यूएबल एनर्जी सहायक कंपनियों में 20,000 करोड़ रुपये तक का निवेश करने की अनुमति मिल गई। यह निर्धारित 7,500 करोड़ रुपये की निवेश लिमिट से काफी ज्यादा है।
इस प्रोजेक्ट से स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन चरण के साथ-साथ ऑपरेशन एंड मेनटेनेंस (ओ एंड एम) चरण के दौरान बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है। साल 2030 तक देश का लक्ष्य 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता तक पहुंचना है। गौरतलब है कि भारत ने अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त कर अपनी ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
2032 तक 60 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी (आरई) क्षमता बढ़ाने के लिए यह राशि पूर्व में स्वीकृत 7,500 करोड़ रुपए की निर्धारित सीमा से बढ़कर 20,000 करोड़ रुपए तक हो सकती है।
बताते चलें कि एनटीपीसी का लक्ष्य 2032 तक 60 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ना है। ये देश को 2070 तक ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद देगा।
एक कैबिनेट नोट के अनुसार, “यह कदम पावर स्ट्रक्चर को मजबूत करने और पूरे देश में चौबीसों घंटे विश्वसनीय बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में निवेश सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगे। इससे लोकल सप्लायर्स, लोकल उद्यमों/एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा और देश में उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही देश में रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।








