ऑस्ट्रेलिया ने भी फ़िलिस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है।ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में फ़िलिस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देंगे। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने हाल के दिनों में इजरायली नेता बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा गाजा में नए सिरे से व्यापक सैन्य हमले की घोषणा की योजना की भी आलोचना की है।

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने कहा कि फ़िलिस्तीन को मान्यता देने का निर्णय फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के वादों और दृढ़ संकल्प पर आधारित होगा। साथ ही उन्होंने जापान, ब्रिटेन, न्यूज़ीलैंड और इज़राइल के नेताओं से बात की। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने फ्रांस , ब्रिटेन और कनाडा के नेताओं के साथ मिलकर ऐसा करने का संकेत दिया।
एंथनी अल्बानीज़ ने आगे यह भी कहा कि फ़िलिस्तीनी राष्ट्र में हमास का कोई भविष्य नहीं हो सकता, गाज़ा की स्थिति दुनिया की सबसे बुरी आशंकाओं से भी ज़्यादा बढ़ गई है। अल्बानीज़ ने कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि फ़िलिस्तीन को मान्यता देने के ऑस्ट्रेलिया के फ़ैसले को सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में औपचारिक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह स्वीकृति फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण से ऑस्ट्रेलिया को मिली प्रतिबद्धताओं पर आधारित है।
एंथनी अल्बानीज़ ने कहा कि मध्य पूर्व में हिंसा के चक्र को तोड़ने और गाजा में संघर्ष, पीड़ा और भुखमरी को समाप्त करने के लिए दो-राज्य समाधान मानवता की सबसे अच्छी उम्मीद है।
Hऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि इज़राइल लगातार अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रहा है, उन्होंने इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की और नेतन्याहू से कहा कि सैन्य समाधान की नहीं, बल्कि राजनीतिक समाधान की ज़रूरत है।
गौरतलब है कि न्यूज़ीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने पहले कहा था कि न्यूज़ीलैंड फ़िलिस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन को मान्यता देने का फ़ैसला सितंबर में न्यूज़ीलैंड की कैबिनेट द्वारा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन प्रतिबद्धताओं में फिलिस्तीनी सरकार में हमास की कोई भूमिका नहीं, गाजा का विसैन्यीकरण और चुनाव कराना शामिल है।आगे उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में हिंसा के चक्र को तोड़ने और गाजा में संघर्ष, पीड़ा और भुखमरी को समाप्त करने के लिए दो-राज्य समाधान मानवता की सबसे अच्छी उम्मीद है।
याद दिला दें कि ब्रिटेन ने फिलिस्तीन को एक राज्य के रूप में मान्यता देने की सशर्त घोषणा की है, जबकि पुर्तगाल, जर्मनी और माल्टा ने भी फिलिस्तीन को एक राज्य के रूप में मान्यता देने की अपनी मंशा व्यक्त की है।















