उपराष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार पूर्व जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को 300 मत हासिल हुए। कुल 767 सांसदों ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट दिया। इनमें से 752 मान्य थे और बाकी 15 अमान्य करार दिए गए।

राज्यसभा के महासचिव और निर्वाची अधिकारी पीसी मोदी ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 98.2 फ़ीसदी वोटिंग हुई। शुरू से ही संख्या बल एनडीए के हक़ में होने के रुझान के चलते सीपी राधाकृष्णन का जीतना तय माना जा रहा था। लेकिन इस मतदान में क्रॉस वोटिंग की भी अटकलें लगाई जा रही थीं।
मतगणना के बाद पीसी मोदी ने जानकारी दी कि उपराष्ट्रपति चुनाव के नियमों के मुताबिक, सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुना गया है। उपराष्ट्रपति पद के लिए कराए गए पिछले चुनाव में एनडीए प्रत्याशी जगदीप धनखड़ ने बड़ी जीत हासिल की थी। अगस्त 2022 में हुए इन चुनावों में उन्होंने कुल 73 फीसद मत हासिल किए थे जो 725 वोटों में से 528 की संख्या में थे। मगर स्वास्थ्य समस्या के चलते उन्हें समय से पहले उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा देन पड़ा था। नियम के मुताबिक़, उप राष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा हो जाने के 60 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य होता है।
उप राष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा हो जाने के 60 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य होता है।
चयनित उपराष्ट्रपति के संबंध में महाराष्ट्र राजभवन की वेबसाइट पर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सी पी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्तूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ। बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री हासिल करने वाले राधाकृष्णन आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने।
साल 1996 में तमिलनाडु बीजेपी के सचिव नियुक्त हुए और इसके बाद कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए। बतौर सांसद, संसदीय स्थायी समिति (कपड़ा मंत्रालय) के अध्यक्ष रहे। स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच के लिए बनी विशेष संसदीय समिति के सदस्य के रूप में भी सी पी राधाकृष्णन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
संसदीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप मेंसी पी राधाकृष्णन ने 2004 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। यही नहीं ताइवान जाने वाले वह पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी बने।
राधाकृष्णन को 2016 में कोच्चि स्थित कॉयर बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। यहाँ चार साल तक सक्रिय रहे। भारत से नारियल रेशा का निर्यात उनके नेतृत्व में 2532 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा। राधाकृष्णन 2020-22 तक भाजपा के केरल प्रभारी रहे।
उपराष्ट्रपति पद का चुनाव सुबह दस बजे से शाम 5 बजे तक चला। देश के 17वें उप राष्ट्रपति के चुनाव के लिए, निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में पांच सीटें रिक्त हैं) एवं 12 मनोनीत सदस्य तथा लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में एक सीट रिक्त है) शामिल थे। निर्वाचक मंडल में कुल 788 सदस्य (वर्तमान में 781) हैं। बीजू जनता दल (बीजेडी), भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने चुनाव से दूर रहने का फैसला किया था।
