प्रियंका गांधी ने एक हैरान करने वाला डेटा प्रस्तुत किया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का दावा किया कि नीट परीक्षा देने वाले 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों से व्यवस्था के जरिए करीब 1.32 लाख करोड़ का खर्च कराया जाता है, वहीं देश के पूरे शिक्षा बजट की राशि लगभग 1.40 लाख करोड़ है।
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक और जानकारी साझा करते हुए अपनी एक पोस्ट में लिखा- मैं एक बात और जोड़ना चाहती हूं कि भारत सरकार ने अपने पसंदीदा कारोबारियों के जो लोन माफ किए, वे 16 लाख करोड़ रुपए हैं।
प्रियंका की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कोटा दौरे के साथ ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत छात्रों से बातचीत में शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते दबावों पर चर्चा में जुटे हैं।
राहुल गांधी ने बुधवार को कोटा के दशहरा मैदान में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में छार्तों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का एजुकेशन सिस्टम बच्चों को प्रेशराइज करते हुए उन्हें स्ट्रेस देता है। आगे उन्होंने यह भी कहा कि हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ें, ताकि आगे से किसी भी बच्चे को आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम न उठाना पड़े।
इस सम्बोधन में राहुल गांधी ने यह मुद्दा भी सामने रखा कि पांच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्र के परिवारो की जेब से उतना पैसा छीन लिया जाता है, जितना पांच मंत्रालयों का बजट है।
बताते चलें कि नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जा रहा है। इस बार परीक्षा एक ही शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। छात्रों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को नीट यूजी परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप के बाद इसे रद्द करना पड़ा।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा नीट री-एग्जाम के एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब आवेदक बैंक खाते का वेरिफिकेशन पूरा किए बग़ैर भी अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।
बताते चलें कि नीट परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष (बीएमएस, बीएचएमएस) सहित नर्सिंग पाठ्यक्रमों में दाखिला मिलता है।