अरब सागर में चक्रवाती तूफान ‘बिपारजॉय’ के आने पर कई राज्यों में अलर्ट

दक्षिणपूर्व अरब सागर के ऊपर बने गहरे दबाव के क्षेत्र से चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ उत्तर की तरफ बढ़ रहा है।

अरब सागर में चक्रवाती तूफान 'बिपारजॉय' के आने पर कई राज्यों में अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज इसे लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि ये तूफ़ान 24 घंटे में कोंकण के तटीय इलाके रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदर्ग होते हुए मुंबई, ठाणे व पालघर तक अपना असर दिखायेगा। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।

चक्रवात को ‘बिपरजॉय’ नाम बांग्लादेश द्वारा दिया गया है। इसके प्रभाव से कोंकण, गोवा व महाराष्ट्र तट पर 8 से 10 जून तक समुद्र में बहुत ऊंची लहरें उठने की संभावना है।

तूफ़ान की त्रीवता को देखते हुए समुद्र में उतरे मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी गई है। दक्षिण पूर्व अरब सागर के ऊपर बना हुआ एक निम्न दबाव का क्षेत्र चक्रवात ‘बिपारजॉय’ है। इसके अगले 48 घंटों में और तीव्र होकर डिप्रेशन में बदलने की उम्मीद है। ये भी अनुमान है कि 72 घंटों में चक्रवाती तूफान अपनी तीव्रता तक पहुंच सकता है। हालाँकि चक्रवात का ट्रैक अभी स्पष्ट नहीं है। चक्रवात ‘बिपारजॉय’ को इस मौसम में अरब सागर में बनने वाला पहला चक्रवात बताया जा रहा है।

बिपरजॉय के चलते गुजरात के सभी बंदरगहों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। तूफान के चलते मौसम खराब होगा। ऐसे में प्रशासन ने मछुआरों को गहरे समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। तूफान के खतरे को देखते हुए उत्तर गुजरात के बंदरगाहों को खास एहतियात बरतने के निर्देश जारी किये गए हैं।

मौसम विभाग ने तूफानको ध्यान में रखते हुए उत्तर और दक्षिण गुजरात तटों के सभी बंदरगाहों पर डिस्टैंट कॉशनरी-1 सिग्नल प्रणाली सक्रिय करने की बात कही है। डीसी-1 को किसी बंदरगाह पर तब सक्रिय किया जाता है जब समुद्र में गहरे दबाव की स्थिति की जानकारी मिलती है।

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