आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गॉडफादर कहे जाने वाले जेफ्री हिंटन ने एआई को लेकर बड़ी चेतावनियां दी हैं। उनके मुताबिक़, बहुत जल्द हमें इसका खतरनाक रूप भी देखने को मिल सकता है। जेफ्री हिंटन को जॉन हॉपफील्ड के साथ, 2024 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

जेफ्री हिंटन ने पिछले हफ्ते अमरीकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स से बातचीत की। इसमें उन्होंने कहा कि एआई आने वाले समय में समाज को पूरी तरह बदल देगा और ये बदलाव बहुत बुरा होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हम सबके जीवन को आसान बनाने का काम कर रहा है। यह कई सारे जटिल काम पलों में कर देता है। लेकिन जेफ्री हिंटन की चेतावनी इसको लेकर डरने वाली है।
जेफ्री हिंटन के हवाले से फ्यूचरिज्म की रिपोर्ट बताती है कि पहले जब भी मशीनें या कंप्यूटर जैसी नई तकनीक सामने आई, तो पुरानी नौकरियां गईं लेकिन नई नौकरियां भी बनीं। वह कहते हैं कि एआई के साथ ऐसा नहीं होगा। अगर एआई इंसानों जितना या उससे ज्यादा समझदार हो गया तो हर काम वो खुद कर लेगा। जिससे नौकरी जाएगी और कोई दूसरी नौकरी नहीं बचेगी। ऐसे में भारी संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
एलन मस्क और मार्क जुकरबर्ग को चेतावनी देते हुए हिंटन ने कहा कि एलन इन जैसे बड़े-बड़े अमीर लोग एआई को तेजी से बढ़ा रहे हैं। लेकिन वे ये नहीं सोच रहे कि अगर मजदूरों की नौकरी चली गई और उन्हें पैसे नहीं मिले तो उनके सामान कौन खरीदेगा? अगर लोगों के पास पैसे ही नहीं होंगे तो ये कंपनियां कैसे कमाई करेंगी?
हिंटन अब एआई की बहुत तेज रफ़्तार पर कहते हैं कि पहले वे सोचते थे कि इंसान जितना समझदार एआई बनाने में 20 से 50 साल लगेंगे। लेकिन अब उनका मानना है कि 20 साल से भी कम समय में ऐसा एआई आ जाएगा। उनके अनुसार, आज के बड़े मॉडल जैसे जीपीटी-5 पहले से ही हमसे हजारों गुना ज्यादा चीजें जानते हैं। इसका मतलब है कि आने वाले 20 साल में एआई खतरनाक साबित हो सकता है।
हिंटन ने धरती पर युद्ध बढ़ने की भी चेतावनी दी है। एक और चौंका देने वाले बयान में उन्होंने कहा कि अगर एआई रोबोट सैनिक बन गए तो बड़े देश छोटे देशों पर आसानी से हमला कर सकेंगे। क्योंकि सैनिक नहीं मरेंगे तो जनता में आक्रोश नहीं होगा। जहाँ पहले सैनिकों की मौत से सरकार को डर लगता था, वहीँ अब एआई रोबोट के आने से सरकारें निडर हो जाएंगी।
