ऑस्ट्रेलिया के लोगों ने रविवार को एक “हीरो” को सलाम किया, जिसकी हिम्मत से एक बंदूकधारी से भिड़ंत ने देश में सालों में हुई सबसे बड़ी मास शूटिंग के दौरान कई लोगों की जान बचाई।

सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुई गोलीबारी के बाद, सोशल मीडिया पर फुटेज सामने आया जिसमें एक आदमी बंदूकधारियों में से एक को पकड़कर आम लोगों पर गोलियां चलाता हुआ दिख रहा है।
रविवार की रात को होने वाली इस गोलीबारी में 15 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। यह हमला उस समय हुआ, जब हनुक्का के जश्न के लिए एक हज़ार से ज़्यादा लोग एक कार्यक्रम में मौजूद थे। पुलिस ने इसे यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया ‘आतंकवादी हमला’ कहा है।
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के मुताबि, हमलावर के पीछे हटने से पहले ही उस आदमी ने उसके हाथ से बंदूक छीन ली। स्थानीय समाचार में इस शख्स की पहचान 43 साल के अहमद अल अहमद के रूप में की गई है, जो फल बेचता है। खबर में यह भी कहा गया है कि उसे दो गोलियां लगी हैं।
ख़बरों के मुताबिक़, स्थानीय समाचार आउटलेट ने मुस्तफा नाम के एक आदमी से बात की जिसने कहा कि वह उसका कज़िन है। उसने कहा, “वह हॉस्पिटल में है और हमें ठीक से नहीं पता कि अंदर क्या हो रहा है।” आगे उसने यह भी कहा, “हमें उम्मीद है कि वह ठीक हो जाएगा। वह 100 परसेंट हीरो है।”
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने भी उन्हें “हीरो” कहा। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी अहमद की बहादुरी और तेज़ सोच के लिए भी चारो ओर से तारीफ़ की गई है और कहा जा रहा है कि समझदारी ने कई लोगों की जान बचा ली।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी व्हाइट हाउस में क्रिसमस रिसेप्शन के दौरान बोलते हुए अहमद की तारीफ़ की और कहा कि उनके मन में अहमद के लिए “बहुत सम्मान” है। उन्होंने कहा, “वह वाक़ई एक बहुत, बहुत बहादुर इंसान हैं, जिन्होंने सामने से जाकर एक शूटर पर हमला किया और कई ज़िंदगियाँ बचाईं। “









