अमरीकी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की 4 महिला न्यायाधीशों पर प्रतिबंध लगाया है। यह कदम प्रशासन ने इजराइल और अमरीका के खिलाफ की गई जांच के लिए आईसीसी और उसके अधिकारियों के खिलाफ उठाया है।

अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आरोप लगाया है कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के चारों न्यायाधीश अवैध गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन न्यायाधीशों ने अवैध रूप से अमरीका और उसके सहयोगी इजरायल को निशाना बनाया।
आईसीसी के चार न्यायाधीशों पर प्रतिबंध का कारण ट्रंप प्रशासन द्वारा गाजा और हमास के खिलाफ युद्ध में इजराइल के कथित युद्ध अपराधों की न्यायाधिकरण की जांच को बताया जा रहा है।
गुरुवार को विदेश विभाग ने अपनी जानकारी में कहा कि वह आईसीसी न्यायाधीशों, जो बेनिन, पेरू, स्लोवेनिया और युगांडा से आते हैं, उनकी अमरीकी अधिकार क्षेत्र में मौजूद किसी भी संपत्ति को फ्रीज कर देगा।
चारों महिला न्यायाधीशों का संयुक्त राज्य अमरीका में प्रवेश वर्जित कर दिया जाएगा तथा विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में उनकी किसी भी संपत्ति या अन्य हितों पर रोक लगा दी जाएगी। ये कदम न्यायिक अधिकारियों के मुकाबले अमरीकी विरोधियों के नीति निर्माताओं के खिलाफ अधिक उठाए जाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगानिस्तान में अमरीकी सैनिकों द्वारा कथित युद्ध अपराधों का मामला खोलने के फैसले के कारण भी न्यायाधीशों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय का कहना है कि वह न्यायाधीशों और न्यायिक कर्मचारियों के साथ खड़ा है।
बताते चलें कि अमरीका और इजराइल इस कोर्ट का सदस्य नहीं है और न ही इसकी वैधता को मान्यता देते है। कोर्ट की तरफ से अक्टूबर 2023 में इजराइल के खिलाफ हमास के हमले के बाद गाजा में अपनी सैन्य प्रतिक्रिया पर कथित युद्ध अपराधों के लिए नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इजराइल इन आरोपों का खंडन करता है।













