गाजियाबाद की सबा हैदर ने जीता अमरीका में चुनाव

अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों ने गाजियाबाद में जश्न का माहौल बना दिया। यहां संजय नगर की सबा हैदर ने अमरीका में ड्यूपेज काउंटी बोर्ड के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार पेट्रोसिया पेटी गुस्टिन को आठ हजार से अधिक वोटों से शिकस्त दी।

गाजियाबाद की सबा हैदर ने जीता अमरीका में चुनाव

कल के नतीजों में अमरीका में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने जीत हासिल की है। मगर सबा हैदर की जीत के बाद उनके घर बधाई देने वालों का सिलसिला जारी रहा।

सबा हैदर के पिता अली हैदर मूल रूप से बुलंदशहर के औरंगाबाद के रहने वाले हैं। नौकरी के सिलसिले में उन्हें गाजियाबाद आना पड़ा और फिर जीवन यहीं सेट हो गया। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की सबा हैदर इस समय अमरीका के शिकागो में रहती हैं। जहां उन्होंने ड्यूपेज काउंटी बोर्ड का इलेक्शन जीता है। सबा का एक बेटा अजीम अली और एक बेटी आइजह अली है। उनके पति का नाम अली काजमी है, जो बुलंदशहर के औरंगाबाद मोहल्ला सादात के रहने वाले हैं।


सबा ने 8 हजार से ज्यादा वोटो से जीत हासिल की है। कुल डाले गए 70,109 वोटों में सबा हैदर को 39,365 वोट मिले।


गाजियाबाद से अपनी पढ़ाई करने वाली सबा बचपन से ही होनहार थी। होली चाइल्ड स्कूल से इंटरमीडिएट करने के बाद राम चमेली चड्ढा कॉलेज से बीएससी में टॉप करके सबा ने आगे की पढाई अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से की। सबा ने वाइल्ड लाइफ साइंसेज में एमएससी किया और इस पढ़ाई के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया।

कंप्यूटर इंजीनियर से शादी कर के सबा अमरीका आ गईं। क्योंकि उन्हें शरू से रही राजनीति से लगाव था तो यहाँ भी यह रुझान बना रहा।

 शुरुआत में अमरीका में योग की ट्रेनिंग देने का काम किया और समाज सेवा से भी जुड़ी रही। सबा पहले स्कूल बोर्ड मेंबर का चुनाव लड़ चुकी हैं मगर उसमे वह कामयाब नहीं हुईं थीं। साल 2022 में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सबा को ड्यूपेज काउंटी बोर्ड के चुनाव में उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में एक वोट के अंतर से हार गईं।

इस बार चुनाव में सबा ने 8 हजार से ज्यादा वोटो से जीत हासिल की है। कुल डाले गए 70,109 वोटों में सबा हैदर को 39,365 वोट मिले जबकि उनके मुखालिफ खड़े पेट्रोसिया पेटी गुस्टिन को 30,844 वोट मिले। इस तरह सबा ने 8541 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

सबा शिक्षा विभाग से जुड़ी रहीं और अपनी इस उपलब्धि तक पहुँचने से पहले कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

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