इंटरमिटेंट फास्टिंग से महिलाओं में होती है हार्मोन की समस्या- रिसर्च

वजन घटाने का सबसे लोकप्रिय तरीका, इंटरमिटेंट फास्टिंग को महिलाओं के लिए हानिकारक बताया जा रहा है। इंटरमिटेंट फास्टिंग उन लोगों में बहुत लोकप्रिय है जो अपना वजन कम करना चाहते हैं और आहार विशेषज्ञ इसकी सलाह देते हैं।

इंटरमिटेंट फास्टिंग से महिलाओं में होती है हार्मोन की समस्या, रिसर्च

एक अमेरिकी विश्वविद्यालय में हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से महिलाओं में हार्मोनल समस्याएं हो सकती हैं। इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान करीब 12 से 16 घंटे भूखे रहते हैं जबकि 8 से 10 घंटे ही खाना खा सकते हैं।


इंटरमिटेंट फास्टिंग वजन कम करने का एक बेहतरीन तरीका है, लेकिन जो महिलाएं मां बनना चाहती हैं उन्हें वजन कम करने के लिए यह तरीका नहीं अपनाना चाहिए।


विली ऑनलाइन लाइब्रेरी जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार अमेरिकी विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग का महिलाओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान खाने के समय को निर्धारित किया जाता है। इसमें करीब 12 से 16 घंटे भूखे रहते हैं जबकि 8 से 10 घंटे ही खाना खा सकते हैं।

अध्ययन के लिए, रुक-रुक कर उपवास करने वाले प्रतिभागियों के रक्त के नमूनों का अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने मुताबिक़ इसमें यह बात सामने आई है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग का महिला प्रजनन हार्मोन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

जानकारों के मुताबिक इंटरमिटेंट फास्टिंग वजन कम करने का एक बेहतरीन तरीका है, लेकिन जो महिलाएं मां बनना चाहती हैं उन्हें वजन कम करने के लिए यह तरीका नहीं अपनाना चाहिए।

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