मनुष्य प्रकृति का हिस्सा है, स्वामी नहीं- नायडू

नयी दिल्ली 05 जून : उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने पर्यावरण संरक्षण के लिए भारतीय प्रकृति चेतना विकसित करने पर बल देने का आह्वान करते हुए कहा है कि बिगड़ रहे पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाने के प्रयास करने होंगे।

पर्यावरण संरक्षण के लिए भारतीय प्रकृति चेतना की जरूरत: नायडू

श्री नायडू ने विश्व पर्यावरण दिवस पर जारी एक संदेश में कहा , “ हमें सतत् कृषि की ओर बढ़ने होगा, फिर से वनीकरण करना होगा और समुद्री प्रदूषण को रोकना होगा।”


नायडू ने विश्व पर्यावरण दिवस पर एक संदेश में कहा – मनुष्य भी सभी जीवों की तरह प्रकृति का हिस्सा ही है, स्वामी नहीं। मानव समाज प्रकृति का सम्मान करके ही अपना भविष्य सुरक्षित कर सकता है।”


उन्होंने कहा, “ आज विश्व पर्यावरण दिवस है। भारतीय परंपरा में निहित प्रकृति चेतना को पुनः अपनी जीवन शैली में अपनाएं। मनुष्य भी सभी जीवों की तरह प्रकृति का हिस्सा ही है, स्वामी नहीं। मानव समाज प्रकृति का सम्मान करके ही अपना भविष्य सुरक्षित कर सकता है।”

श्री नायडू ने कहा कि वैश्विक पर्यावरण के संरक्षण हेतु देश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पर्यावरण को जीवाश्मिक ऊर्जा के प्रदूषण से बचाने के लिए स्वच्छ अक्षय ऊर्जा तथा ऊर्जा-दक्ष तकनीकों का विकास किया जा रहा है,भूमि और जल स्रोतों को रासायनिक और नगरीय प्रदूषण से बचाने के उपाय किए जा रहे हैं।

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