देश बांटने वाली ताकतों से सख्ती से निपटने की जरूरत: राष्ट्रपति

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने देश को संबोधित किया। देश के नाम अपने संबोधन में उन्होंने उन शहीदों और क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी जान दी। अपने संबोधन में उन्होंने अशांत, देश बांटने वाली और असहिष्णु ताकतों से सख्ती से निपटने और देश के कमजोर वर्गों के खिलाफ हमले रोके जाने की बात की। इसके अलावा उन्होंने पिछड़े और भटके हुए लोगों को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने की भी बात की।
pranab-mukherjee1उन्होंने कहा, ‘इन चार वर्षों में मैंने कुछ अशांत, विघटनकारी और असहिष्णु शक्तियों को सिर उठाते हुए देखा है। हमारे देश में कमजोर वर्गों पर हुए हमले बेहद शर्मनाक हैं और इन ताकतों से सख्ती से निपटने की जरूरत है।’ इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर उन्होंने कहा कि हमारी महिलाओं और बच्चों को दी गई सुरक्षा और हिफाजत देश और समाज की खुशहाली तय करती है। एक महिला या बच्चे के खिलाफ हिंसा की हर घटना सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है, अगर ऐसे हमले नहीं रुकते तो हम एक सभ्य समाज नहीं कहला सकते।
स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने देश की सामाजिक एकता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘भारत को जिस एक खास विशेषता ने एक सूत्र में बांध रखा है, वह एक दूसरे की संस्कृतियों और आस्थाओं की इज्जत करना है।’  इसके अलावा राष्ट्रपति ने देश के युवाओं को सरकार की डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं के जरिए आत्मनिर्भर बनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत तभी विकास करेगा, जब पूरा भारत विकास करेगा। पिछड़े लोगों को विकास में शामिल करना होगा। साथ ही आहत और भटके लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना होगा।

उन्होंने हालिया विदेश नीति की तारीफ करते हुए कहा, ‘हाल के समय में हमारी विदेश नीति में काफी सक्रियता दिखाई दी है। हमने अफ्रीका और एशिया पैसिफिक के पार्टनर्स के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को फिर से मजबूती दी है।’ इसके अलावा आतंकवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि विश्व में उन आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आई है जिनकी जड़ें धर्म के आधार पर लोगों को कट्टर बनाने में छिपी हुई हैं। ये ताकतें धर्म के नाम पर बेकसूर लोगों की हत्या के अलावा विश्व के भूगोल को बदलने की धमकी भी दे रही हैं, जो विश्व शांति के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।’

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