अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 21 फरवरी को भूमि पूजन: स्वरूपानंद सरस्वती

इलाहाबाद:शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने ऐलान किया है कि अयोध्या में राम मंदिर  निर्माण के लिए 21 फरवरी को भूमि पूजन किया जाएगा। कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर नौ स्थित गंगा सेवा अभियानम के शिविर में आयोजित परम धर्म संसद  के समापन पर शंकराचार्य ने यह ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए सभी अखाड़ों के संतों से बातचीत हो चुकी है। शंकराचार्य ने भूमि पूजन के लिए चार ईंटें भी मंगवाई हैं।

परम संसद में कहा गया कि आज गली गली में धर्म संसद हो रही है। गृहस्थ लोग धर्म संसद नहीं बुला सकते हैं। 21 फरवरी को सभी हिन्दू 4-4 के गुट में 4-4 शिला लेकर अयोध्या पहुंचे। क्योंकि 4 लोगों पर धारा 144 नहीं लागू होती, 5 लोगों के झुंड पर धारा 144 लगती है। वहीं, नन्दा, जया, भद्रा, पूर्णा नाम की 4 शिलाएं शंकराचार्य को सौंपी गई। इन्हीं चार नाम की शिला लेकर 21 फरवरी को अयोध्या पहुंचने के लिए परम धर्म संसद ने सभी हिंदुओं का आह्वान किया है।

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शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिर एक दिन में नहीं बनेगा, लेकिन जब शुरू होगा तभी तो बनेगा। इसलिए 21 फरवरी को शिलान्यास के जरिए मंदिर का निर्माण शुरू होगा। ये धर्मसंसद भगवान को परमात्मा मानती है, लेकिन दूसरी धर्मसंसद भगवान राम को परमात्मा नहीं महापुरुष मानते हैं। इसीलिए सरदार वल्लभभाई पटेल की तरह उनका पुतला बनाना चाहते हैं। हमारे यहां मूर्ती लोहे या सीमेंट की नहीं, अष्टधातु, लकड़ी या मिट्टी की बनती है। हमें कंबोडिया के अंकोरवाट की तरह विशाल मंदिर अयोध्या में बनवाना है। अयोध्या को वेटिकन सिटी का दर्जा दिया जाए। स्वामी अवमुक्तेश्वरानन्द ने कहा धर्म संसद सिर्फ धर्माचार्य शंकराचार्य ही बुला सकते हैं।

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